मंदिरों के शहर में होली के लिए सजने लगे बाजार, इस बार प्रयोग होंगे स्वदेशी रंग और पिचकारियां
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दुकानदार संजीव गुप्ता और तरुण ने कहा कि इस बार लोगों ने स्वदेशी रंग और होली में प्रयोग होने वाले सामान की डिमांड की है। इसलिए उन्होंने भी स्वदेशी सामान ही लाया है। कई अन्य कारोबारियों ने कहा कि लोगों ने इस बार स्वदेशी पिचक ारी, स्प्रिंकलर, बैलून जैसे उत्पादों की मांग की है।
होली पर जम्मू शहर में इस बार अधिकतर आइटमें स्वदेशी हैं। कारोबारियों का कहना है कि वे चीन निर्मित सामान का बहिष्कार कर रहे हैं। पहले हर साल होली पर चीन निर्मित माल आता था। रविवार को दिन भर जम्मू के बाजारों में भीड़ रही। होली के लिए लोगों ने खरीदारी शुरू कर दी है। बाजार में 10 से लेकर 500 रुपये तक पिचकारी बिक रही है।
500 रुपये तक की पिचकारी
बाजार में यूं तो तरह-तरह की पिचकारियां मौजूद हैं लेकिन सबसे ज्यादा बिक्री 100 रुपये से लेकर 500 रुपये की पिचकारी की हो रही है। पक्का डंगा में पिचकारियां व रंग बेच रहे दुकानदार का कहना है कि उनके पास तो हजार रुपये तक की पिचकारी है लेकिन ज्यादा बिक्री 500 तक की पिचकारी की हो रही है। बच्चों में टंकी पिचकारी की भी बहुत क्रेज है।
ये हैं विभिन्न आइटमों के दाम
आइटम मूल्य
पिचकारी 10 से 500 रुपये
वाटर गन 250 -300 रुपये
वैलून 5 रुपये से शुरू
रंग बाल 100
रंग 20 रुपये पैक्ट से शुरू
रंगदार टोपी 80 रुपये
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