कोरोना के खौफ के चलते प्रदेश सहित जिलेभर मेें प्रवासी मजदूरों और आम लोगों का घरों को लौटना जारी है। लोगों के हुजूम बस स्टैंड पर देखे जा सकते हैं, जो घर जाने की आस में घंटों लाइन में बैठे नंबर का इंतजार कर रहे हैं। हर दिन की तरह रविवार को भी विंकल, अंग्रेज सिंह और गिरधारी लाल अलसुबह ही घर जाने की आस में बस स्टैंड पहुंचे थे। लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही बस अड्डे पर कतारें लगीं थीं। हर कोई पुलिस से बातचीत कर अपने घर जाने की संभावना तलाश रहा था।
ग्राउंड रिपोर्टः मकान मालिक ने कहा व्यवस्था कर लो, पुलिस परेशानी जाने बिना थप्पड़ मारती है, रास्ता यही है
लोगों के हुजूम के बीच तीनों ने पुलिस से पूछा ‘सर हमें घर जाना था, दो दिनों से लगातार आ रहे हैं और बाकायदा नाम भी लिखवाया था। अभी तक कोई सूचना नहीं मिली है।’ इस पर पुुलिस वालों ने सख्त लहजे में उन्हें कल यानी सोमवार को आने को कहा। तीनों ने ठान ली कि अब पैदल ही घर के लिए सफर शुरू करेंगे। तीनों ने जम्मू से डोडा के लिए 250 किमी का सफर शुरू कर दिया।
शहर में लॉकडाउन के कारण ज्यादातर लोग घर के लिए प्रवास कर रहे हैं। विंकल, अंग्रेज सिंह और गिरधारी लाल की आयु 20 साल है। इनमें विंकल बिजली, अंग्रेज सिंह वर्कशाप और गिरधारी लाल होटल में काम करता है। तीनों ने कहा कि एक सप्ताह तक का राशन था, लेकिन लॉकडाउन तो 14 अप्रैल तक है। ऐसे में इतने दिन खाने और रहने की व्यवस्था नहीं है। तीनों की मुलाकात बस स्टैंड पर हुई थी और बाद में दोस्ती हो गई है। अब लंबे सफर पर निकले हैं।
विंकल ने कहा कि मकान मालिक कश्मीर का था और वह चला गया। उसने कहा कि तुम भी अपने घर जाने की व्यवस्था कर लो हमने घर बंद करना है। वहीं, होटल में काम करने वाले गिरधारी लाल ने कहा ‘होटल मालिक ने पांच दिन पहले ही निकाल दिया था, कुछ दिनाें तक दोस्त के साथ रहा और फिर वह भी मुकर गया। इसलिए मैं घर जाने के लिए मजबूर हूं। पुलिस का रवैया बड़ा ही सख्त है, बेवजह परेशान करना, थप्पड़ मारना, बिना यह जाने की परेशानी क्या है।’
वहीं लॉकडाउन के बाद 24 से 29 मार्च तक करीब साढ़े आठ हजार लोग देश के विभिन्न राज्यों से चलकर जम्मू-कश्मीर में पहुंचे। इनमें सिर्फ कश्मीर घाटी ही नहीं, बल्कि जम्मू संभाग के भी सैकड़ों लोग शामिल हैं, जो देश के अन्य हिस्सों में मेहनत-मजदूरी करते रहे हैं। संसाधनों की कमी और कमरों का किराया न चुका पाने की स्थिति में मजबूरन ये लोग अपने घरों को लौट रहे हैं। ऐसा तब है जब प्रधानमंत्री ने देशभर में 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा की है और बीते दो दिनों में ही डेढ़ दर्जन से अधिक कोरोना पॉजीटिव के जम्मू-कश्मीर में मामले सामने आ चुके हैं।