श्रीनगर के इकबाल पार्क में मंगलवार शाम को आतंकियों द्वारा मौत के घाट उतारे गए मशहूर कश्मीरी पंडित हस्ती माखन लाल बिंदरू के इंदिरा नगर स्थित आवास पर सुबह से ही लोगों को तांता लगा रहा। रिश्तेदार, पड़ोसी, बिरादरी वाले, उनके चाहने वाले और राजनीतिक दलों के नेता आदि उनके घर संवेदना व्यक्त करने पहुंचे। नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। साथ ही कहा कि एक नेक आदमी हमारे बीच नहीं रहा, उसे शैतानों ने मार डाला है। एमएल बिंदरू हर आदमी की मदद करते थे। उन्होंने बेटे डॉ सिद्धार्थ बिंदरू से कहा कि वह कश्मीर छोड़कर न जाएं और यही पर रहें।
वहीं, सैयद अल्ताफ बुखारी ने कहा कि इस हत्या की जितनी निंदा की जाए वो कम है। उन्होंने कहा कि यह किसी कश्मीरी पंडित की नहीं बल्कि एक कश्मीरी की हत्या हुई है। बुखारी ने कहा कि यह हम सबके लिए शर्म की बात है। इस आदमी ने हम सबकी की खिदमत की थी। जो लोग यह सब कर रहे हैं वो समझ जाएं कि इससे कुछ हासिल नहीं होने वाला है।
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कश्मीरी पंडित माखन लाल बिंदरू का अंतिम संस्कार
- फोटो : बासित जरगर
इस बीच श्रीनगर म्युनिसिपल कारपोरेशन के मेयर जुनैद अजीम मट्टू ने भी इस घटना पर शोक व्यक्त किया। जुनैद ने कहा तीन सिविलियन की हत्याएं हुई हैं। हमें एक समाज के तौर पर ऐसी घटनाओं के खिलाफ खड़ा होना चाहिए। एमएल बिंदरू के पार्थिव शरीर को उनके इंदिरा नगर स्थित आवास से करीब साढ़े बारह बजे करण नगर शमशान भूमि ले जाय गया, जहां दोपहर करीब 2 बजे उनका अंतिम संस्कार किया गया।
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कृष्णा ढाबे पर हमला
- फोटो : अमर उजाला
इस साल जनवरी से अब तक पूरी कश्मीर घाटी में अल्पसंख्यक समुदाय के 6 लोगों की आतंकवादियों ने निर्मम हत्या की है। आतंकियों की दरिंदगी का पहला शिकार बने थे सुनार सतपाल निश्चल, जिन्हे 1 जनवरी, 2021 को मारा था। उसके बाद डलगेट में मशहूर कृष्णा ढाबा के मालिक के बेटे आकाश मेहरा को 17 फरवरी को गोली मार दी गई थी।
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राकेश पंडिता
- फोटो : अमर उजाला
इसके अलावा त्राल के एक कश्मीरी पंडित भाजपा नेता राकेश पंडिता की 2 जून को आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। सितंबर में बिहार के एक मजदूर की दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में हत्या की गई। बता दें कि तीनों व्यापारी, माखन लाल बिंदरू, सतपाल निश्चल और आकाश मेहरा 1990 में उग्रवाद की शुरुआत के बाद से कश्मीर से नहीं गए थे। वे अपने कारोबार को जारी रखने के लिए रुके हुए थे और तीनों उद्यम- बिंदरू मेडिकेट, निश्चल ज्वैलर्स और कृष्णा ढाबा लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हैं।
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आईजीपी कश्मीर विजय कुमार
- फोटो : अमर उजाला
श्रीनगर और अन्य सभी घटनाओं के लिए लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी ग्रुप द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ)’ ने जिम्मेदारी ली थी और सभी मारे गए अल्पसंख्यकों पर आरएसएस समर्थक होने का आरोप भी लगाया था। पुलिस के कश्मीर जोन आईजीपी विजय कुमार के अनुसार, आतंकी रणनीति में बदलाव इस साल की शुरुआत से देखा गया है। पिस्तौल से हमले किए जा रहे हैं।