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कश्मीर के कई इलाकों में नए सिरे से पाबंदियां, तस्वीरों में देखें घाटी का हाल
Fri, 13 Sep 2019 07:45 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
Published by: Pranjal Dixit
Updated Fri, 13 Sep 2019 07:45 PM IST
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हाल-ए-कश्मीर
- फोटो : बासित जरगर
कश्मीर में शुक्रवार की नमाज के मद्देनजर शहर के कई इलाकों में नए सिरे से पाबंदियां लगाई गईं। संवेदनशील इलाकों में कंटीले तार बिछाने के साथ ही सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई। एहतियातन सुरक्षा बढ़ाई गई है, ताकि किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति न उत्पन्न होने पाए।
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हाल-ए-कश्मीर
- फोटो : बासित जरगर
अधिकारियों ने बताया कि हजरतबल के आस-पास के इलाकों में नए प्रतिबंध लगाए गए हैं जबकि डाउनटाउन के पांच पुलिस थाना क्षेत्रों में पाबंदियां अब भी जारी हैं। कानून व्यवस्था को कायम रखने के लिए धारा 144 के तहत पाबंदियां लगाई गई हैं। बताया गया कि हर शुक्रवार को घाटी के संवेदनशील इलाकों में पाबंदियां लगाई जाती हैं ताकि इस दिन मस्जिदों और धर्मस्थलों पर जुटने वाली भीड़ का स्वार्थी तत्व फायदा ना उठा सकें।
हाल-ए-कश्मीर
- फोटो : बासित जरगर
राज्य का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के बाद से नौहट्टा स्थित जामा मस्जिद और हजरतबल स्थित दरगाह शरीफ जैसी बड़ी मस्जिदों और धर्मस्थलों में शुक्रवार की नमाज की इजाजत नहीं दी जा रही है। हालांकि पूरी घाटी में लैंडलाइन फोन काम कर रहे हैं लेकिन मोबाइल सेवाएं केवल उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा और हंदवाड़ा में ही बहाल हैं। इंटरनेट भी ठप है।
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हाल-ए-कश्मीर
- फोटो : बासित जरगर
अधिकारियों ने बताया कि हालात तेजी से सुधर रहे हैं। सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ा है। लोग बिना किसी रोकटोक के आसानी से आ जा रहे हैं। दवा की दुकानें खुली हुई हैं। रेहड़ी पर फल तथा सब्जियां आसानी से उपलब्ध हैं। डल किनारे रोजाना सुबह-शाम लोगों की भीड़ जुट रही हैं। इनमें युवतियों तथा महिलाओं की तादाद काफी है।
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हाल-ए-कश्मीर
- फोटो : बासित जरगर
विभिन्न सरकारी कार्यालयों में उपस्थिति बढ़ी है। हालांकि, ज्यादातर सड़कों से सार्वजनिक वाहन गायब हैं। कुछ इलाकों में ही सार्वजनिक वाहन चलते दिखे। जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर वाहन आम दिनों की तरह चले। स्कूलों में उपस्थिति अब भी कम है क्योंकि सुरक्षा को लेकर चिंता के कारण माता-पिता बच्चों को घर से बाहर नहीं भेज रहे हैं। ज्ञात हो कि पांच अगस्त से शीर्ष स्तर के ज्यादातर अलगाववादी नेताओं को हिरासत में रखा गया है। पूर्व मुख्यमंत्री फारुक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती समेत मुख्यधारा के नेताओं को या तो हिरासत में या नजरबंदी में रखा गया है।