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कारगिल युद्ध: द्रास में सुनाई गई कारगिल युद्ध की शौर्यगाथा, वीर नारियों और वीर माताओं की मौजूदगी में सुनाएं वीरों के किस्से

Sun, 25 Jul 2021 10:36 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: करिश्मा चिब Updated Sun, 25 Jul 2021 10:36 PM IST
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Kargil War: The story of Kargil war narrated in Dras, narrate the tales of heroes in the presence of brave women and brave mothers
कारगिल की आंखों देखी शौर्यगाथा सुनाने के लिए कार्यक्रम का आयोजन - फोटो : अमर उजाला

इतिहास में सबसे चुनौतीपूर्ण युद्धों में शुमार कारगिल की जंग का एक-एक मोर्चा जीतना बेहद मुश्किल था। चोटी पर पूरी तैयारी के साथ बैठा दुश्मन और नीचे भारतीय फौज के रणबांकुरे जान हथेली पर लेकर दुश्मन को खदेड़ते। कारगिल विजय दिवस से एक दिन पूर्व रविवार को युद्ध स्थल द्रास के नजदीक लामोचन व्यू प्वाइंट पर पहुंचे कारगिल हीरो, वीर नारियों, वीर माताओं और उनके परिवार सदस्यों को आंखों देखी शौर्यगाथा सुनाई गई। इस अवसर पर तोलोलिंग, टाइगर हिल, प्वाइंट 4875 और अन्य महत्वपूर्ण चोटियों से दुश्मन को खदेड़ने के लिए कारगिल हीरो के अदम्य साहस की नजीर बताई गई। उपस्थिति को जब शौर्यगाथा सुनाई जा रही थी तो द्रास की गगनचुंबी पहाड़ियों पर वो सभी मोर्चे सामने दिखाई दे रहे थे। जहां नामुमकिन सी दिखने वाली जीत को मुमकिन कर दिखाया था।

Kargil War: The story of Kargil war narrated in Dras, narrate the tales of heroes in the presence of brave women and brave mothers
कारगिल की आंखों देखी शौर्यगाथा सुनाने के लिए कार्यक्रम का आयोजन - फोटो : अमर उजाला

कारगिल युद्ध की शौर्यगाथा के वर्णन के दौरान व्हाइट नाइट कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल एमवी सुचिंद्रा, कारगिल युद्ध के हीरो रहे परवमीर चक्र सूबेदार संजय कुमार, परमवीर चक्र सूबेदार योगेंद्र सिंह यादव समेत वीरता पुरस्कार सम्मान हासिल कर चुके अन्य जांबाज व उनके परिवार सदस्य मौजूद थे।

Kargil War: The story of Kargil war narrated in Dras, narrate the tales of heroes in the presence of brave women and brave mothers
कारगिल की आंखों देखी शौर्यगाथा सुनाने के लिए कार्यक्रम का आयोजन - फोटो : अमर उजाला

कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य पर शहीदों के सम्मान में निकाली गई चार बाइक रैलियां 23 जुलाई को द्रास सेक्टर में स्थित शहीदी स्मारक पर पहुंची थी।

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Kargil War: The story of Kargil war narrated in Dras, narrate the tales of heroes in the presence of brave women and brave mothers
कारगिल की आंखों देखी शौर्यगाथा सुनाने के लिए कार्यक्रम का आयोजन - फोटो : अमर उजाला

एक रैली का नेतृत्व उत्तरी कमान प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी ने किया। लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी ने कहा कि लोग भारतीय सशस्त्र बलों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।

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Kargil War: The story of Kargil war narrated in Dras, narrate the tales of heroes in the presence of brave women and brave mothers
कारगिल की आंखों देखी शौर्यगाथा सुनाने के लिए कार्यक्रम का आयोजन - फोटो : अमर उजाला

यह देशभक्ति और जुनून की गहरी भावना है जो हर उस सैनिक में व्याप्त है जो सबसे दुर्गम मौसम और बर्फीली ऊंचाइयों पर चौकसी करता है।

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