इतिहास में सबसे चुनौतीपूर्ण युद्धों में शुमार कारगिल की जंग का एक-एक मोर्चा जीतना बेहद मुश्किल था। चोटी पर पूरी तैयारी के साथ बैठा दुश्मन और नीचे भारतीय फौज के रणबांकुरे जान हथेली पर लेकर दुश्मन को खदेड़ते। कारगिल विजय दिवस से एक दिन पूर्व रविवार को युद्ध स्थल द्रास के नजदीक लामोचन व्यू प्वाइंट पर पहुंचे कारगिल हीरो, वीर नारियों, वीर माताओं और उनके परिवार सदस्यों को आंखों देखी शौर्यगाथा सुनाई गई। इस अवसर पर तोलोलिंग, टाइगर हिल, प्वाइंट 4875 और अन्य महत्वपूर्ण चोटियों से दुश्मन को खदेड़ने के लिए कारगिल हीरो के अदम्य साहस की नजीर बताई गई। उपस्थिति को जब शौर्यगाथा सुनाई जा रही थी तो द्रास की गगनचुंबी पहाड़ियों पर वो सभी मोर्चे सामने दिखाई दे रहे थे। जहां नामुमकिन सी दिखने वाली जीत को मुमकिन कर दिखाया था।
कारगिल युद्ध: द्रास में सुनाई गई कारगिल युद्ध की शौर्यगाथा, वीर नारियों और वीर माताओं की मौजूदगी में सुनाएं वीरों के किस्से
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Sun, 25 Jul 2021 10:36 PM IST
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