फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

सर्जिकल स्ट्राइकः अमावस की रात में कैसे दुश्मनों पर टूट पड़े थे भारतीय जांबाज,पर्दे पर होगा खुलासा

Sun, 09 Dec 2018 10:50 AM IST
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Updated Sun, 09 Dec 2018 10:50 AM IST
विज्ञापन
jammu kashmir uri surgical strike know the bravery of indian army soldiers
surgical strike - फोटो : अमर उजाला
उड़ी हमले के बाद भारतीय सेना ने जिस तरह पाकिस्तान में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देकर आतंकियों को मौत के घाट उतारा था उसने भारतीय जवानों की बहादुरी का लोहा पूरी दुनिया में मनवा दिया था। सर्जिकल स्ट्राइक के इस मिशन को अंजाम दिया था भारतीय सेना की पैराशूट रेजिमेंट ने। 


 
jammu kashmir uri surgical strike know the bravery of indian army soldiers
सर्जिकल स्ट्राइक
29 सितंबर को सेना के पैराशूट जवानों ने सीमा पार कर किस तरह आंतकियों के लांच पैड को ध्वस्त कर पाकिस्तान को तगड़ा झटका पहुंचाया था उस ऑपरेशन के कुछ डॉक्यूमेंट्स को सरकार की तरफ से मीडिया के लिए जारी किया गया था। 19 पैरा बटालियन के इन्ही कमांडोज को उनकी बहादुरी के लिए इस 26 जनवरी को सम्मानित किया गया था। 
jammu kashmir uri surgical strike know the bravery of indian army soldiers
- फोटो : फाइल
डॉक्यमेंट्स के अनुसार ऑपरेशन को एक कर्नल, पांच मेजर, दो कैप्टन, एक सूबेदार, दो नायब सूबेदार, तीन हवलदार, एक लांस नायक और चार पैरा ट्रूपर ने अंजाम दिया था। पैरा रेजीमेंट की चौथी और नौंवी बटालियन के इन जवानों ने बहुत बहादुरी और कामयाबी के साथ ऑपरेशन को अंजाम दिया था।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
jammu kashmir uri surgical strike know the bravery of indian army soldiers
surgical strike - फोटो : अमर उजाला
सेना के पैरा कमांडोज ने दिया था ऑपरेशन को अंजाम
जानकारी के अनुसार, 4 पैरा के मेजर रोहित सूरी को उनकी इस बहादुरी के लिए कीर्ति चक्र, 4 पैरा के ही कमांडिंग ऑफिसर कर्नल हरप्रीत संधु को युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया गया। इसके अलावा टीम को चार शौर्य चक्र, 13 सेवा मेडल दिए गए हैं। कर्नल हरप्रीत संधु को इस पूरे ऑपरेशन की टास्क सौंपी गई थी। सेना ने इस हमले की तैयारी उड़ी हमले के बाद शुरू की थी, जिसमें आतंकियों ने 17 जवानों की हत्या कर दी थी। इस वारदात के बाद सेना ने जवाबी हमले की तैयारी कर ली थी, इसके लिए अमावस्या की रात का इंतजार किया गया। इसके बाद 28-29 की रात्रि वो घड़ी भी आ गई जब सेना ने अपने ऑपरेशन को शुरू किया। मेजर रोहित सूरी की आठ सदस्यीय स्ट्राइक टीम को आतंकियों के संसाधनों को ध्वस्त करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। मेजर सूरी ने अपनी टीम को निर्देश दिया कि वो आतंकियों को खुले में उनके लांच पैड पर ही आने के लिए मजबूर करे। 

 
विज्ञापन
jammu kashmir uri surgical strike know the bravery of indian army soldiers
indian army - फोटो : अमर उजाला
एक कर्नल और पांच मेजर ने किया ऑपरेशन को लीड
जवानों की चुनौती मिलते ही जैसे ही आतंकी खुले में आए जवानों ने एक झटके में उन्हें मौत के घाट उतार दिया। इसी बीच मेजर सूरी ने नजदीकी जंगल में दो जिहादियों की गतिविधि महसूस की। आसमान में मंडरा रहे यूएवी ने भी दो आतंकियों की गतिविधि को नोटिस किया। यह देख मेजर सूरी ने बिना अपनी जान की परवाह किए दोनों आतंकियों पर हमला बोल दिया और उन्हें मौत के घाट उतार दिया। खास बात ये है कि एक अन्य मेजर और उनकी टीम को ऑपरेशन से दो दिन पहले ही आतंकियों के लांच पैड की निगरानी रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जिसके बाद मेजर अपने साथियों के साथ 48 घंटे पहले ही सीमा पार कर आतंकियों के इलाके में पहुंच चुके थे। उन्होंने टारगेट का मैप बनाकर भी ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम तक पहुंचा दिया था। टीम ने दुश्मन के ऑटोमेटिक हथियारों के बारे में सटीक जानकारी जुटाई। इसके अलावा जिस जगह से हमारे जवान दुश्मनों पर सटीक हमला कर सकें उस जगह की भी सही जानकारी अपने साथियों तक पहुंचाई गई।

 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed