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जम्मू-कश्मीर: एक साल पहले हुई थी शहीद जवान की शादी, पत्नी है 6 माह की गर्भवती, अधूरा रह गया यह वचन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Fri, 07 Dec 2018 06:12 PM IST
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शहीद जवान राजेश कुमार
- फोटो : अमर उजाला
जम्मू-कश्मीर के कुमकौदी इलाके में शुक्रवार को 57 राष्ट्रीय राइफल्स की पोस्ट पर गोलाबारी में सिग्नल ऑपरेटर राजेश कुमार शहीद हो गए थे। श्रीनगर में शनिवार दोपहर सैन्य अधिकारीयों सहित पुलिस और सीआरपीएफ के अधिकारीयों और जवान ने उन्हें श्रधांजलि दी। जिसके बाद सैन्य सम्मान के साथ श्रीनगर से उनके पार्थिव शरीर को उनके मूल निवास एटा के लिए रवाना कर दिया गया।
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- फोटो : अमर उजाला
जम्मू-कश्मीर में सरहद पर शहीद हुए एटा जिले के वीर जवान राजेश कुमार का पार्थिव शरीर आज रात तक एटा आने की उम्मीद है। राजेश कुमार अपने परिवार में इकलौते बेटे थे। परिवार को उनकी शहादत पर गर्व है तो उन्हें खोने का गम भी। बेटे की शहादत पर पिता ने ऐसी बात कही, जिसे जानकर आप उन्हें सैल्यूट करेंगे।
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- फोटो : अमर उजाला
थाना जलेसर के गांव रेजुआ निवासी राजेश कुमार उर्फ बॉबी पुत्र नेमसिंह 2013 में सेना में भर्ती हुए थे। परिवार में बूढ़े मां-बाप, पत्नी और चार बहनें हैं। दो बहनों की शादी हो गई है। दो बहनों की शादी के लिए अगले वर्ष घर आने वाले थे, लेकिन इससे पहले वो शहीद हो गए।
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शहीद राजेश कुमार के पिता नेमसिंह यादव
- फोटो : अमर उजाला
इकलौते बेटे की शहादत पर पिता नेमसिंह को गर्व है। उन्होंने कहा कि इकलौता बेटा खोने का उन्हें गम नहीं, गर्व है। मेरा बहादुर बेटा देश पर कुर्बान हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर दूसरा बेटा होता तो उसे भी फौज में भेज देता। यह कहकर उनकी आंखों से गर्व के आंसू छलक पड़े।
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शहीद राजेश कुमार की मां
- फोटो : अमर उजाला
जब से बेटे की शहीद होने की खबर आई है, तब से बूढ़ी मां रो रोकर बेसुध हो रही हैं। जैसे ही होश आता है, बिलख पड़ती हैं। कहती हैं कि मेरा वीर सपूत जरूर आएगा...। परिजन किसी तरह उन्हें संभाल रहे हैं।