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बर्फ, हसीं वादियों और एडवेंचर के शौकीन छुट्टियों में जम्मू-कश्मीर घूमने आएं, ये है पूरा प्लान
Tue, 28 May 2019 04:49 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Tue, 28 May 2019 04:49 PM IST
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श्रीनगर डल झील
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
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जम्मू-कश्मीर में प्राकृतिक सुंदरता की कोई कमी नहीं है। डल झील, बेताब घाटी, पांगॉन्ग झील, वैष्णो देवी, अमरनाथ, और रंगीन मुगल उद्यान जैसे विविध विकल्प इस राज्य को हर तरह के यात्रियों के लिए एक शानदार छुट्टी का स्थान बनाते हैं। लेकिन इनके अलावा भी यहां बहुत कुछ है, जो अक्सर यात्रा के दौरान छूट जाता है।गर्मी छुट्टी में फैमिली के साथ जा रहे हैं जम्मू-कश्मीर तो ऐसे करें प्लानिंग, कम खर्च में समय की भी होगी बचत इसलिए हम लेकर आये हैं आपके लिए पूरे 30 दिनों की छुट्टी का प्लान, ताकि इस बार जब आप इस राज्य की सैर पर जाएं, तो आपसे कुछ भी मिस न हो पाए...
पहले दिन: वैष्णों देवी व भैरो मंदिर यात्रा...
वैष्णो देवी
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
भारत में सबसे अधिक तीर्थयात्री जिन स्थानों पर जाते हैं, उनमें से एक है वैष्णो देवी का मंदिर। यह मंदिर 6200 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां लाखों तीर्थयात्री हर साल माता वैष्णों देवी का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए आते हैं। माता वैष्णों यहां पिंडियों के रूप में मौजूद हैं। यहां तक पहुंचने के लिए भक्तों को लगभग 13 किमी का सफर तय करना पड़ता है।
इसके लिए पैदल पथ के अलावा टट्टू, पालकी और हेलीकॉप्टर आदि की सुविधा है। वैष्णों देवी गुफा से कुछ और ऊपर भैरो बाबा का मंदिर है, जो तकरीबन माता की गुफा से 4 किमी की दूरी पर मौजूद है।
इस पूरी यात्रा के लिए एक दिन का समय पर्याप्त माना जाता है। यात्रा करने के बाद अगर आप थकावट महसूस करते हैं, तो यहां आराम भी कर सकते है। ठहरने की व्यवस्था यहां आसपास होती है। इससे अगले दिन की सैर के लिए आप खुद को तरोताजा रख सकते हैं।
इसके लिए पैदल पथ के अलावा टट्टू, पालकी और हेलीकॉप्टर आदि की सुविधा है। वैष्णों देवी गुफा से कुछ और ऊपर भैरो बाबा का मंदिर है, जो तकरीबन माता की गुफा से 4 किमी की दूरी पर मौजूद है।
इस पूरी यात्रा के लिए एक दिन का समय पर्याप्त माना जाता है। यात्रा करने के बाद अगर आप थकावट महसूस करते हैं, तो यहां आराम भी कर सकते है। ठहरने की व्यवस्था यहां आसपास होती है। इससे अगले दिन की सैर के लिए आप खुद को तरोताजा रख सकते हैं।
दूसरे दिन: सानासर में पैराग्लाइडिंग...
सानासर झील
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
चूंकि आप पहले दिन माता वैष्णों की यात्रा से लौटे होते हैं, इसलिए कुछ नए की तलाश में दूसरे दिन आप जम्मू क्षेत्र में सानासर की सैर कर सकते हैं। यह एक अद्भुत पहाड़ी स्टेशनों में से एक है। इसका नाम छोटे स्थानीय झीलों ‘साना’ और ‘सर’ से लिया गया है। यह शहर विशाल शंकुवृक्ष के पेड़ से घिरा हुआ है। सानसर के पहाड़ी इलाके साहसिक खेलों के लिए आदर्श गंतव्य हैं। यहां पैराग्लाइडिंग, स्कीइंग, ट्रेकिंग, रॉक क्लाइंबिंग और हॉट एयर बुलूनिंग का आंनद लिया जा सकता है। यहां आप बिना बोर हुए पूरा दिन बिता सकते हैं।
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तीसरे दिन: रघुनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना...
रघुनाथ मंदिर जम्मू
- फोटो : अमर उजाला
दूसरे दिन के रोमांच से लबरेज आप अगले दिन यानी तीसरे दिन रघुनाथ मंदिर के दर्शन के लिए जा सकते हैं। यह मंदिर जम्मू शहर में स्थित है। इसे हिन्दू धर्म की आस्था ही नहीं, बल्कि जम्मू शहर की पहचान कहा जाता है। भगवान राम को समर्पित यह टेम्पल बाहर से पांच कलश के रूप में नजर आता है। इसके गर्भ गृह में राम, सीता, लक्ष्मण की मूर्तियां हैं।
यहाँ की विशेषता यह है कि इसमें रामायण और महाभारत काल के कई चरित्रों की मूर्तियां विभिन्न कक्षों में हैं।
इस जगह को अच्छे से घूमने के लिए आपको लगभग 5-6 घंटे का टाइम लग सकता है। ऐसे में आप दिन के बचे हुए समय में रणवीश्वर टेम्पल की तरफ बढ़ सकते हैं, जो रधुनाथ मंदिर से ज्यादा दूर नहीं है।
रणवीरेश्वर मंदिर में शिव अराधना
यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। इसे जम्मू शहर का एक बहुत प्राचीन मंदिर माना जाता है। इसका निर्माण 1883 में महाराजा रणबीर सिंह ने करवाया था। यहाँ मौजूद भगवान शिव की प्रतिमा और शिवलिंग इस मंदिर का मुख्य आकर्षण है। यहां मौजूद शिवलिंग की ऊंचाई 8 फुट है। इस मंदिर में लोग त्यौहार मनाने के लिए भी आते हैं। महा शिवरात्रि का त्यौहार यहां बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है।
यहाँ की विशेषता यह है कि इसमें रामायण और महाभारत काल के कई चरित्रों की मूर्तियां विभिन्न कक्षों में हैं।
इस जगह को अच्छे से घूमने के लिए आपको लगभग 5-6 घंटे का टाइम लग सकता है। ऐसे में आप दिन के बचे हुए समय में रणवीश्वर टेम्पल की तरफ बढ़ सकते हैं, जो रधुनाथ मंदिर से ज्यादा दूर नहीं है।
रणवीरेश्वर मंदिर में शिव अराधना
यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। इसे जम्मू शहर का एक बहुत प्राचीन मंदिर माना जाता है। इसका निर्माण 1883 में महाराजा रणबीर सिंह ने करवाया था। यहाँ मौजूद भगवान शिव की प्रतिमा और शिवलिंग इस मंदिर का मुख्य आकर्षण है। यहां मौजूद शिवलिंग की ऊंचाई 8 फुट है। इस मंदिर में लोग त्यौहार मनाने के लिए भी आते हैं। महा शिवरात्रि का त्यौहार यहां बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है।
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चौथे दिन: बहु किला का काली मंदिर
बहु फोर्ट जम्मू
- फोटो : फाइल
चौथे दिन की यात्रा के लिए आप बहु किला जा सकते हैं। इस किले में पुरानी विरासत के कई दृश्य देखने को मिलते हैं। इसे 3000 साल पहले राजा बहुलूक द्वारा बनाया गया था। बहु किला धार्मिक महत्व के लिए भी जाना जाता है। यहां मां काली को समर्पित एक मंदिर है, जो ‘बावे काली माता मंदिर’ के रूप में जाना जाता है। यहां एक बहुत बड़ा भूमिगत एक्वैरियम भी है, जिसे मछलीघर भी कहा जाता है।
इस एक्वै रियम में 400 प्रकार की मछलियां हैं, जिसे देखकर पर्यटकों को बहुत आनन्दघ आता है। यह किला बहुत बड़ा है, इसलिए इसको घूमने में आपका पूरा दिन लगना तय है।
इस एक्वै रियम में 400 प्रकार की मछलियां हैं, जिसे देखकर पर्यटकों को बहुत आनन्दघ आता है। यह किला बहुत बड़ा है, इसलिए इसको घूमने में आपका पूरा दिन लगना तय है।