जम्मू-कश्मीर में प्राकृतिक सुंदरता की कोई कमी नहीं है। वहीं इस गर्मियों की छुट्टी में लोग उत्तराखंड और हिमाचल जाना पसंद कर रहे हैं। आलम यह है कि इन हिल स्टेशनों पर भीड़ इतनी हो गयी है कि 24-24 घंटों का लंबा जाम लगा हुआ है। वहीं जम्मू-कश्मीर में ऐसा नहीं है। डल झील, बेताब घाटी, पैनगॉन्ग झील, वैष्णो देवी, अमरनाथ, और रंगीन मुगल उद्यान जैसे विविध विकल्प इस राज्य को हर तरह के यात्रियों के लिए एक शानदार छुट्टी का स्थान बनाते हैं। लेकिन इनके अलावा भी यहां बहुत कुछ है, जो अक्सर यात्रा के दौरान छूट जाता है। गर्मी की छुट्टी में परिवार के साथ जम्मू-कश्मीर जा रहे हैं तो हम योजना बनाने में आपकी मदद कर सकते हैं। जम्मू-कश्मीर में आप दो सप्ताह तक का समय भी बहुत आनंद से बिता सकते हैं। हम आपको कई ऐसी अनदेखी-अनसुनी जगहों के बारे में बताएंगे जिससे आपको यात्रा में मदद मिले।
क्यों मसूरी, शिमला में लगा रहे हैं भीड़, पहाड़, वादियां और बर्फ का मजा लेना है तो आइए जम्मू-कश्मीर
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पहला दिन: वैष्णों देवी व भैरो मंदिर यात्रा...
इसके लिए पैदल पथ के अलावा टट्टू, पालकी और हेलीकॉप्टर आदि की सुविधा है। वैष्णो देवी गुफा से कुछ और ऊपर भैरो बाबा का मंदिर है, जो तकरीबन माता की गुफा से 4 किमी की दूरी पर मौजूद है।
इस पूरी यात्रा के लिए एक दिन का समय पर्याप्त माना जाता है। यात्रा करने के बाद अगर आप थकावट महसूस करते हैं, तो यहां आराम भी कर सकते है। ठहरने की व्यवस्था यहां आसपास होती है। इससे अगले दिन की सैर के लिए आप खुद को तरोताजा रख सकते हैं।
दूसरा दिन: सानासर में पैराग्लाइडिंग...
तीसरा दिन : रघुनाथ मंदिर
दूसरे दिन के रोमांच से लबरेज आप अगले दिन यानी तीसरे दिन रघुनाथ मंदिर के दर्शन के लिए जा सकते हैं। यह मंदिर जम्मू शहर में स्थित है। इसे हिन्दू धर्म की आस्था ही नहीं, बल्कि जम्मू शहर की पहचान कहा जाता है। भगवान राम को समर्पित यह मंदिर बाहर से पांच कलश के रूप में नजर आता है। इसके गर्भ गृह में राम, सीता, लक्ष्मण की मूर्तियां हैं।
यहां की विशेषता यह है कि इसमें रामायण और महाभारत काल के कई चरित्रों की मूर्तियां विभिन्न कक्षों में हैं। इस जगह को अच्छे से घूमने के लिए आपको लगभग 5-6 घंटे का समय लग सकता है। ऐसे में आप दिन के बचे हुए समय में रणवीश्वर मंदिर की तरफ बढ़ सकते हैं, जो रघुनाथ मंदिर से ज्यादा दूर नहीं है।
रणवीश्वर मंदिर में शिव अराधना
यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। इसे जम्मू शहर का एक बहुत प्राचीन मंदिर माना जाता है। इसका निर्माण 1883 में महाराजा रणबीर सिंह ने करवाया था। यहां मौजूद भगवान शिव की प्रतिमा और शिवलिंग इस मंदिर का मुख्य आकर्षण है। यहां मौजूद शिवलिंग की ऊंचाई 8 फुट है। इस मंदिर में लोग त्यौहार मनाने के लिए भी आते हैं। महा शिवरात्रि का त्यौहार यहां बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है।
चौथा दिन: बहु किला का काली मंदिर
इस एक्वैरियम में 400 प्रकार की मछलियां हैं। यह किला बहुत बड़ा है, इसलिए यहां आपका पूरा दिन लगना तय है।