कश्मीर घाटी में जब भी कोई आतंकी घटना होती है तो देश भर में असुरक्षा का संदेश जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि यहां आने पर पर्यटक खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं। श्रीनगर का दिल कहे जाने वाले लाल चौक पर स्थित घंटाघर का बुधवार की शाम का माहौल गर्मजोशी से भरा था। भारी संख्या में स्थानीय लोग और पर्यटक यहां टहलते नजर आए। कई तो घंटाघर के सामने फोटो खिंचवा रहे थे।
इस दौरान किसी के चेहरे पर कोई शिकन नहीं दिखी और सभी खिलखिलाते दिखे। गुजरात से आए एक पर्यटक समूह ने कहा कि उनका 17 लोगों का ग्रुप कश्मीर घाटी में घूमने आया है। जिसमें 2 साल से लेकर 85 वर्ष तक की आयु के सदस्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि घाटी में कोई डर नहीं है, यहां के लोग जिंदादिल और मिलनसार हैं।
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श्रीनगर, लाल चौक, घंटा घर (फाइल)
- फोटो : बासित जरगर
उन्होंने कहा कि गुलमर्ग घूमने के बाद वे लोग शाम का आनंद लाल चौक में ले रहे हैं। यहां रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया घंटाघर मनोहारी है। उस पर लहराता तिरंगा सुरक्षा की भावना पैदा कर रहा है। समुह में शामिल संतोष दा ने कहा, घंटाघर पर लहराता तिरंगा यह साबित करता है कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। यहां के नजारे मन को मोह लेने वाले हैं और यहां के लोग भी काफी सहयोगी हैं। कुछ घटनाएं होती हैं, उनका जरूर असर पड़ता है, लेकिन लेकिन यहां आकर ऐसा कुछ भी महसूस नहीं हुआ।
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श्रीनगर लाल चौक (फाइल)
- फोटो : बासित जरगर
एक अन्य पर्यटक शोभित सक्सेना ने कहा, यहां शाम के समय काफी रौनक है, ऐसा लग ही नहीं रहा कि हम कश्मीर में है। विदेश का एहसास हो रहा है। माहौल काफी अच्छा है और लोग काफी अच्छे हैं। हमारा यही संदेश है कि कश्मीर घूमने आओ, क्योंकि कुदरत ने यहां सब कुछ दिया है।
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श्रीनगर: लाल चौक
- फोटो : बासित जरगर
आतंकी घटनाएं कुछ हद तक भय पैदा करती हैं, लेकिन पर्यटकों के कदम नहीं रोक सकतीं
इस ग्रुप के साथ ट्रैवल एजेंट आशीष ने कहा, शोपियां और पहलगाम में हाल ही में दो आतंकी घटनाएं हुई हैं, उससे जरूर एक असर पड़ा है। बावजूद इसके पर्यटकों से घाटी गुलजार है। हमने कई क्लाइंट से पूछताछ के लिए कॉल किया, किसी ने ट्रिप कैंसिल नहीं किया। पहले थोड़ा डर रहता है, लेकिन यहां आकर एक अलग दृष्टिकोण से पर्यटक कश्मीर को देखते हैं।
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श्रीनगर: लाल चौक (फाइल)
- फोटो : बासित जरगर
लाल चौक के एक ड्राई फ्रूट विक्रेता गुलाम मोहम्मद हाजी ने कहा, पर्यटक हमारे मेहमान हैं और कौन चाहेगा कि कोई यहां से निराश लौटे। कुछ शरारती तत्व होते हैं, जिन्हें यहां की शांति रास नहीं आती। आतंकी कुछ घटनाओं को अंजाम देकर भय पैदा करने की कोशिश करते हैं।