कश्मीर के सोपोर में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। हाल ही में तीन पुलिसकर्मियों, दो पार्षदों और दो नागरिकों की हत्या में शामिल आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का शीर्ष आतंकी मुदासिर पंडित सोपोर मुठभेड़ में मारा गया है। मुदासिर पंडित आतंकवाद से जुड़ी अन्य घटनाओं में भी शामिल था। इस मुठभेड़ में तीन आतंकियों का सफाया हुआ है। जिसमें पाकिस्तानी आतंकी असरार उर्फ अब्दुल्ला का भी खात्मा हुआ है। अब्दुल्ला उत्तरी कश्मीर में 2018 से सक्रिय था। इस ऑपरेशन को सेना की 22-आरआर(राष्ट्रीय राइफल्स), सोपोर पुलिस और सीआरपीएफ की 179-बटालियन ने अंजाम दिया।
ऑपरेशन गुंड ब्राठ: आतंकी कमांडर मुदासिर पंडित और असरार के खात्मे की कहानी, एक्सक्लूसिव तस्वीरें
सोपोर के गुंड ब्राठ इलाके में आतंकी गतिविधि की सूचना मिली थी। इसके आधार पर सोपोर पुलिस, सेना की 22-आरआर(राष्ट्रीय राइफल्स) और सीआरपीएफ की 179-बटालियन ने घेराबंदी कर इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया। घेरा सख्त होता देख आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
इसके बाद सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभाला। इसके साथ ही मौजूद अधिकारियों ने आतंकियों को समर्पण का मौका दिया। कई बार आतंकियों से कहा गया कि वो हथियार छोड़कर ठिकाने से बाहर आ जाएं। लेकिन इस अपील के बदले आतंकी गोलाबारी कर रहे थे।
आतंकियों की ओर से की जा रही गोलाबारी का जवानों ने माकूल जवाब दिया और एक-एक कर तीनों आतंकियों का सफाया कर दिया। जिसमें लश्कर-ए-तैयबा का शीर्ष आतंकी मुदासिर पंडित, पाकिस्तानी आतंकी असरार उर्फ अब्दुल्ला और एक अन्य आतंकी मारा गया है। मुदासिर का मारा जाना सुरक्षाबलों के लिए बड़ी कामयाबी है। सोपोर के साथ ही वह घाटी में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देता था। मारे गए आतंकियों के पास से तीन एके-47 राइफल के साथ ही भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद हुआ है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि यह ऑपरेशन कल रात शुरू किया गया था। जिसमें तीन आतंकी मारे गए हैं। ये सभी आतंकी कमांडर थे, जोकि कई हमलों में शामिल थे। मारा गया शीर्ष आतंकी मुदासिर चार नागरिकों, नौ सुरक्षाकर्मियों, दो पूर्व आतंकियों, तीन सरपंच और दो हुर्रियत नेताओं की हत्या में शामिल था। आतंकी खुर्शीद अहमद 2020 से सक्रिय था। वह कई हमलों और हत्याओं में मुदासिर के साथ शामिल था। सिंह ने कहा कि इस साल अब तक दो विदेशी आतंकवादी मारे जा चुके हैं। घुसपैठ में कमी आई है। श्रीनगर में आतंकवादियों की कोई बड़ी मौजूदगी नहीं है। लेकिन आतंकी सरहद और पड़ोसी जिले में घूमते रहते हैं। बहुत जल्द हम श्रीनगर शहर के आसपास अच्छा संचालन करने जा रहे हैं, जो इंटेल आधारित होगा।