जम्मूृ-कश्मीर में बुधवार को रामनवमी श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। वहीं नवरात्र का पर्व कंजक पूजन और साख विर्सजन के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर नवरात्र रख कर मां के नौ रूपों का पूजन करने वाले सभी लोगों ने अपने घरों और मंदिरों में कन्या पूजन किया इसके बाद मां भगवती का आशीर्वाद प्राप्त किया। कोरोना के चलते इस बार लोगों को काफी परेशानियों का सामना भी करना पड़ा।
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बावे वाली माता का मंदिर
- फोटो : निखिल मेहता
अधिकतर लोगों को पांच-छह कन्याओं का ही पूजन कर संतुष्टि करनी पड़ी। मंदिरों में भी बहुत कम संख्या में कन्याएं उपस्थित रहीं। कई लोगों ने कोरोना के चलते कन्याओं को घर में बुलाने से परहेज भी किया। सुबह से ही हर तरफ रामनवमी की धूम देखने को मिली। लोग तड़के उठकर मंदिरों में दर्शन पूजन के लिए पहुंचने लगे।
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साख विसर्जन करने जाती महिला
- फोटो : संजय कुमार
इस बीच उजाला होने के साथ ही करीब-करीब हर घर में हलवा एवं पूरियां बनाए जाने की महक उठने लगी। लोग कन्या पूजन के लिए छोटी बच्चियों की तलाश करने लगे थे।
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बावे वाली माता का मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
कई लोग रिश्तेदारों के घरों से बच्च्यिों को लाकर उनका पूजन कर रहे थे। जिसे लेकर महिमा शर्मा, सीमा शर्मा, सोनिका शर्मा आदि का कहना था कि कोरोना ने हर त्योहार का मजा किरकिरा कर दिया है। जहां पहले दुर्गा नवमी पर नौ कन्याओं के स्थान पर 15 से 20 कन्याएं आ जाती थीं, वहीं इस बार हमें पूजन के लिए नौ कन्यांए भी नहीं मिल पाईं।
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बावे वाली माता का मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
वहीं रामनवमी के अवसर पर साख प्रवाहित की गई। लोगों ने अपने व्रत पूरे कर मां दुर्गा से आशीर्वाद प्राप्त किया। साथ ही प्रार्थना की कि माता अगले वर्ष भी खुशियों के साथ उनके घर में स्थान ग्रहण करेंं।
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