जम्मू-कश्मीर में कोविड महामारी के बीच सरकारी अस्पतालों के लिए मंजूर ऑक्सीजन प्लांट महीनों बाद भी पूरे नहीं हो पाए हैं। ऑक्सीजन प्लांट व ऑक्सीजन सप्लाई उपकरण स्थापित करने के लिए प्रदेश के लिए 238.45 करोड़ रुपये मंजूर हुए थे। जम्मू-कश्मीर समेत देशभर में कोरोना के मामले बढ़ने पर यह देरी चिंता का सबब बन गई है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्थाएं करने का दावा किया है। जीएमसी जम्मू में 1343.50 लाख रुपये से 4800 (एपीएम) क्षमता वाला ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित किया जाना है। एसएमजीएस अस्पताल में 862.19 लाख से 3000 एलपीएम, चेस्ट डिजीज अस्पताल में 411.07 लाख रुपये से 1500 एलपीएम, गांधीनगर नया जच्चा-बच्चा अस्पताल में 253 लाख रुपये से 1000 एलपीएम, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में 277.75 लाख से 1000 एलपीएम और सायकाइटरी अस्पताल में 189 लाख रुपये से 500 एलपीएम की क्षमता वाला ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया जाना है।
जम्मू-कश्मीर अस्पताल : छह माह बाद भी नहीं स्थापित हुए आक्सीजन जनरेशन प्लांट
जम्मू संभाग के जिला अस्पताल रामबन में 547.58 लाख रुपये से 1500 एलपीएम, जिला अस्पताल पुंछ में 569.62 लाख से 220 एलपीएम, जिला अस्पताल उधमपुर में 769.12 लाख से 3000 एलपीएम, जिला अस्पताल रियासी में 422.91 लाख से 1200 एलपीएम, जिला अस्पताल सरवाल में 286.44 लाख से 800 एलपीएम, जिला अस्पताल सांबा में 381.99 लाख से 1200 एलपीएम, जिला अस्पताल किश्तवाड़ में 424.41 लाख से 1500 एलपीएम, गांधीनगर अस्पताल जम्मू 557.03 लाख से 2200 एलपीएम की क्षमता वाला ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया जाना है। नए मेडिकल कालेजों में एसोसिएटेड अस्पताल जीएमसी कठुआ में 789.77 लाख से 3000 एलपीएम, जीएमसी राजोरी में 894.10 लाख से 3000 एलपीएम, जीएमसी बारामुला में 1100 लाख से 3000 एलपीएम, जीएमसी अनंतनाग में 948 लाख से 3000 एलपीएम, जीएमसी डोडा में 1024.28 लाख से 3000 एलपीएम की क्षमता वाला ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित किया जाना है। इन प्लांट के लिए अक्तूबर 2020 में डीपीआर को मंजूरी दी गई थी।
ऑक्सीजन पर कई बार हुआ बवाल
जम्मू। जीएमसी में पिछले साल कोरोना के पीक पर होने के दौरान ऑक्सीजन की कमी को लेकर मरीजों और तीमारदारों ने कई बार बवाल किया था। उस दौरान अस्पताल के प्रमुख यूनिटों में हाईप्रेशर ऑक्सीजन की सप्लाई बड़ी चुनौती रही। यह समस्या कई महीनों तक रही। जिसके बाद ऑक्सीजन सप्लाई का विस्तार करते हुए लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया। इसके अलावा शहर के अन्य सीडी, सुपर स्पेशलिटी, गांधीनगर आदि अस्पतालों में भी सप्लाई लाइन देकर वैकल्पिक व्यवस्थाएं की गईं।
अगले दो माह तक चलने लगेंगे प्लांट
ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट के निर्माण पर काम चल रहा है। 18 प्लांट में से 13 पर निविदा को लेकर कुछ अड़चन आ रही है। अगले दो माह तक प्लांट पर काम पूरा होने की उम्मीद है। कई प्लांट का काम अंतिम चरण में है। - अटल डुल्लू, वित्त आयुक्त, स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा
बुनियादी ढांचे और मशीनरी पर 367.48 करोड़ खर्च होंगे
कोविड महामारी के बीच जम्मू-कश्मीर में स्वास्थ्य सेवाओं का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। विश्व बैंक वित्तपोषण के तहत स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे और मशीनरी पर 367.48 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसमें समर्पित कोविड अस्पताल, इंटेंसिव केयर यूनिट, ऑपरेशन थियेटर, लेबोरेटरी सेवा, क्रिटिकल केयर एंबुलेंस, पावर बैकअप आदि का विस्तार किया जा रहा है। इसमें कई कार्य अंतिम चरण में हैं। जीएमसी जम्मू में संभाग का पहला 10.73 करोड़ रुपये की लागत से लिक्विड ऑक्सीजन टैंक प्लांट शुरू किया गया है।