कोरोना को मात देने के लिए देश में 24 मार्च को पहला एक दिवसीय जनता कर्फ्यू लगा था। इसके बाद 25 मार्च को देश में संपूर्ण लॉकडाउन लागू हो गया था। जोकि चरणबद्ध तरीके से खोला जा रहा है, हालांकि इस प्रक्रिया के साथ ही साप्ताहिक लॉकडाउन भी जारी है। चरणबद्ध तरीके से किए जा रहे इस अनलॉक से लोगों को काफी राहत मिली है। अब बात करते हैं केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की। अनलॉक प्रक्रिया और 16 अगस्त को धार्मिक स्थलों के खोले जाने से मंदिरों के शहर जम्मू के साथ ही कश्मीर में भी रौनक लौटी है।
लॉकडाउन से पहले यहां देश-दुनिया से आते थे लोग, ये स्थान तो खचाखच भरा रहता था, देखें आज की तस्वीरें
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सबसे पहले बात करते हैं विश्व प्रसिद्ध माता वैष्णो देवी के धाम की। कटड़ा स्थित माता वैष्णो देवी का धाम लॉकडाउन से पहले श्रद्धालुओं से भरा रहता था। यात्रा मार्ग से लेकर मुख्य मंदिर तक पैर रखने तक की जगह नहीं होती थी। देश विदेश से लोग माता वैष्णो देवी के दर्शन करने आते थे। वहीं लॉकडाउन होने के बाद भक्तों के लिए माता वैष्णो देवी के कपाट बंद कर दिए गए थे। साथ ही यात्रा पर भी पाबंदी लगा दी गई थी।
इसके बाद 16 अगस्त को श्रद्धालुओं के लिए माता वैष्णो देवी धाम के कपाट खोले गए। जिसमें प्रावधान किया गया कि प्रतिदिन दो हजार श्रद्धालुओं को माता के दर्शन करने की अनुमित मिलेगी। इसमें 1900 श्रद्धालु प्रदेश के होंगे और अन्य प्रदेशों के 100 श्रद्धालुओं को माता के दर्शन करने की अनुमित मिलेगी। हालांकि माता वैष्णो देवी की यात्रा शुरू होने के बावजूद वह रौनक नहीं दिख रही है जोकि 24 मार्च से पहले होती थी।
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रघुनाथ मंदिर और बाजार
माता वैष्णो देवी धाम की तरह यहां भी श्रद्धालुओं का तांता लगता था। माता के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु रघुनाथ धाम भी दर्शन करने आते थे। रघुनाथ धाम के साथ ही रघुनाथ बाजार भी लोगों की भीड़ से गुलजार रहता था। यहां से लोग अखरोट, बादाम, कपड़े व अन्य वस्तुएं खरीदते थे।
16 अगस्त को धार्मिक स्थल खोले जाने के साथ ही यहां भी रौनक बढ़ी है। लेकिन पहले की तरह अभी भी उतनी चहल-पहल नहीं दिख रही है। इसका मुख्य कारण यह है कि यहां माता के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में अन्य राज्य के लोग अधिक आते थे। अन्य राज्यों के लोगों के पहले की तरह न आने के कारण रघुनाथ बाजार में पहले की तरह रौनक नहीं है।