नियंत्रण रेखा से घुसपैठ कर भारतीय क्षेत्र में पहुंचने वाले तीनों पाकिस्तानी नाबालिग पुंछ के एक स्कूल में पहुंचे तो वह बच्चों को पढ़ाई करते देख रो पड़े। भावुक होकर बोले, सभी को भारतीय सेना से सीखना चाहिए। बताया कि भारतीय सेना के जवानों ने उनके साथ परिवार की तरह व्यवहार किया। ऐसा लगा कि हम अपने घर में हैं।
भावुक पल: गलती से भारतीय सीमा में घुसे पाकिस्तानी बच्चे, फिर स्कूल का नजारा देख रो पड़े, देखिए तस्वीरें
शुक्रवार दोहपर बाद केजी बिग्रेड के कमांडर राकेश नायर के साथ तीनों चक्का दां बाग के राह-ए- मिलन पर पहुंचे। जहां मेजर अमित, नायब तहसीलदार मोहम्मद रशीद ने पाकिस्तानी अधिकारियों मेजर वाहिद और मेजर सज्जाद को पाकिस्तानी बच्चों को सुरक्षित सौंप दिया।
इससे पहले तीनों को सेना के जवानों और अधिकारियों ने तोहफे भी दिए। केजी ब्रिगेड के कमांडर नायर ने बताया कि तीनों बच्चों को पाकिस्तानी अधिकारियों को सुरक्षित सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि सीमा पर जवान सतर्क हैं। वह हर स्थिति से निपटने में सक्षम हैं।
पुंछ जिले के चक्कां दा बाग क्षेत्र से पकड़े गए बच्चों में से दो सगे भाई हैं। इनकी पहचान धनयाल मलिक (17) पुत्र मोहम्मद नियाज अली निवासी गांव लस्सीमंग छातरा जिला फरवर्ड कोहटा, अरबाज रहीम (13) पुत्र अब्दुल रहीम और उसका भाई उमर रहीम (9) के रूप में हुई है। तीनों पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं।
सैन्य अधिकारियों ने बताया कि नियंत्रण रेखा पर तैनात जवानों ने कुछ संदिग्ध गतिविधि देखी। तुरंत मोर्चा संभालकर तीन बच्चों को पकड़ लिया गया। कमांडर ने बताया कि ये तीनों बच्चे मछली पकड़ने के इरादे से निकले थे और अनजाने में नियंत्रण रेखा पार कर भारतीय सीमा में आ गए। अधिकारी ने कहा कि इनके साथ एक और व्यक्ति था, जो वापस लौट गया था। पूर्व में सीमा पार कर भारत आईं दो लड़कियों सना और लाईबा की तरह इन बच्चों को वापस भेजा गया है। इससे पहले बीते साल छह दिसंबर और 31 दिसंबर को भी दो पाकिस्तानी नागिरक भारतीय सीमा में घुस आए थे, जिन्हें वापस भेजा गया था।