चीन अपनी चालबाजी से बाज नहीं आ रहा है। भारत ने भी चीन से निपटने और उसे सबक सिखाने की पूरी तैयारी कर रखी है। वहीं अगर बात करें सैन्य क्षमता की तो स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस चीन-पाकिस्तान द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किए गए थंडरबर्ड पर भी भारी पड़ सकता है।
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एलसीए तेजस
- फोटो : IAF Website
यह लगभग सभी मामलों में चीन-पाक द्वारा मिग-21 को कॉपी करके बनाए गए थंडरबर्ड से बेहतरीन है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जब बहरीन इंटरनेशनल एयर शो में तेजस को प्रदर्शित करने की बात की गई थी, तब पाकिस्तान और चीन ने बेइज्जती से बचने के लिए थंडरबर्ड को प्रदर्शनी से हटा लिया था। तेजस एयरक्राफ्ट की सर्वाधिक गति 1.6 मैक है।
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एलसीए तेजस
- फोटो : IAF Website
2000 किलोमीटर की रेंज को कवर करने वाले तेजस का अधिकतम थ्रस्ट 9163 केजीएफ है। इसमें कांच का कॉकपिट, हैलमेट माउंटेड डिस्प्ले, मल्टी मोड रडार, कम्पोजिट स्ट्रक्चर और फ्लाई बाय वायर डिजिटल सिस्टम जैसे आधुनिक फीचर हैं।
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एलसीए तेजस
- फोटो : IAF Website
इस जेट पर दो आर-73 एयर-टू-एयर मिसाइल, दो 1000 एलबीएस क्षमता के बम, एक लेजर डेजिग्नेशन पॉड और दो ड्रॉप टैंक्स हैं। एक तेजस को बनाने में लगभग 300 करोड़ रुपये खर्च होते हैं।
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एलसीए तेजस
- फोटो : IAF Website
ज्यादातर भारतीय तकनीकी होने के बावजूद इस लड़ाकू विमान का इंजन अमेरिकी है, रडार और वेपन सिस्टम इजरायल का और इजेक्शन सीट ब्रिटेन की है। तेजस का वजन 12 टन है और इसकी लंबाई 13.2 मीटर है।