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Jammu News: 2003 से शेट्टी आयोग का लाभ पाएंगे प्रदेश की जिला अदालतों के 1,261 कर्मचारी
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-सुप्रीम कोर्ट ने पुराने वेतनमान और उससे जुड़े सेवा लाभ लागू करने का दिया निर्देश
-138.12 करोड़ आएगा खर्च, कश्मीर के 646 और जम्मू के 615 कर्मियों को मिलेगा फायदा
जम्मू। जम्मू-कश्मीर की जिला अदालतों के 1,261 कर्मचारियों को शेट्टी वेतन आयोग की सिफारिशों का लाभ एक अप्रैल, 2003 से मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश प्रशासन को हाईकोर्ट की उपसमिति की रिपोर्ट लागू करने का निर्देश दिया है। इसके तहत कर्मचारियों को पुराने वेतनमान और उससे जुड़े सेवा लाभ पिछली तारीख से देने होंगे। इन लाभों को लागू करने पर करीब 138.12 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ जम्मू-कश्मीर प्रशासन की ओर से सैफदीन और अन्य के मामले में दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। शेट्टी वेतन आयोग ने जिला अदालतों के कर्मचारियों के वेतन और सेवा से जुड़ी सिफारिशें की थीं। इसी मामले में हाईकोर्ट की उपसमिति ने अब उन कर्मचारियों की पहचान की है, जिन्हें पिछली तारीख से इन सिफारिशों का लाभ दिया जाना है।
सुनवाई के दौरान उपसमिति की ओर से तैयार नए आंकड़े कोर्ट के सामने रखे गए। कोर्ट ने माना कि उपसमिति को दिया गया काम पूरा हो चुका है। आंकड़ों के मुताबिक, कश्मीर संभाग के 646 और जम्मू संभाग के 615 कर्मचारी इसके दायरे में आए हैं। कश्मीर के कर्मचारियों के लिए करीब 69.63 करोड़ और जम्मू के कर्मचारियों के लिए 68.49 करोड़ रुपये का खर्च आंका गया है। दोनों संभागों को मिलाकर यह राशि करीब 138.12 करोड़ रुपये है। जेएनएफ
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प्रोसेस सर्वर पर सुनवाई 25 नवंबर को
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब उपसमिति की रिपोर्ट लागू करने का समय आ गया है। कोर्ट ने यह भी कहा कि करीब 138.12 करोड़ रुपये का खर्च होने से इन सिफारिशों को पिछली तारीख से लागू करने की जरूरत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सुनवाई के दौरान प्रोसेस सर्वर का मामला भी सामने आया। बताया गया कि उपसमिति ने जिन कर्मचारियों की श्रेणियों को लाभ के लिए शामिल किया है, उनमें प्रोसेस सर्वर नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता पीएस पटवालिया को प्रोसेस सर्वर की स्थिति देखने और अगली सुनवाई में जानकारी देने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 25 नवंबर को दोपहर तीन बजे होगी।
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-138.12 करोड़ आएगा खर्च, कश्मीर के 646 और जम्मू के 615 कर्मियों को मिलेगा फायदा
जम्मू। जम्मू-कश्मीर की जिला अदालतों के 1,261 कर्मचारियों को शेट्टी वेतन आयोग की सिफारिशों का लाभ एक अप्रैल, 2003 से मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश प्रशासन को हाईकोर्ट की उपसमिति की रिपोर्ट लागू करने का निर्देश दिया है। इसके तहत कर्मचारियों को पुराने वेतनमान और उससे जुड़े सेवा लाभ पिछली तारीख से देने होंगे। इन लाभों को लागू करने पर करीब 138.12 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ जम्मू-कश्मीर प्रशासन की ओर से सैफदीन और अन्य के मामले में दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। शेट्टी वेतन आयोग ने जिला अदालतों के कर्मचारियों के वेतन और सेवा से जुड़ी सिफारिशें की थीं। इसी मामले में हाईकोर्ट की उपसमिति ने अब उन कर्मचारियों की पहचान की है, जिन्हें पिछली तारीख से इन सिफारिशों का लाभ दिया जाना है।
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सुनवाई के दौरान उपसमिति की ओर से तैयार नए आंकड़े कोर्ट के सामने रखे गए। कोर्ट ने माना कि उपसमिति को दिया गया काम पूरा हो चुका है। आंकड़ों के मुताबिक, कश्मीर संभाग के 646 और जम्मू संभाग के 615 कर्मचारी इसके दायरे में आए हैं। कश्मीर के कर्मचारियों के लिए करीब 69.63 करोड़ और जम्मू के कर्मचारियों के लिए 68.49 करोड़ रुपये का खर्च आंका गया है। दोनों संभागों को मिलाकर यह राशि करीब 138.12 करोड़ रुपये है। जेएनएफ
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प्रोसेस सर्वर पर सुनवाई 25 नवंबर को
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब उपसमिति की रिपोर्ट लागू करने का समय आ गया है। कोर्ट ने यह भी कहा कि करीब 138.12 करोड़ रुपये का खर्च होने से इन सिफारिशों को पिछली तारीख से लागू करने की जरूरत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सुनवाई के दौरान प्रोसेस सर्वर का मामला भी सामने आया। बताया गया कि उपसमिति ने जिन कर्मचारियों की श्रेणियों को लाभ के लिए शामिल किया है, उनमें प्रोसेस सर्वर नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता पीएस पटवालिया को प्रोसेस सर्वर की स्थिति देखने और अगली सुनवाई में जानकारी देने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 25 नवंबर को दोपहर तीन बजे होगी।