कश्मीर घाटी में इस वर्ष की शुरुआत में हुई भारी बर्फबारी ने पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित किया है। साल के पहले ही महीने में अब तक 20 हजार से ज्यादा पर्यटक कश्मीर आ चुके हैं। मौसम विभाग के अनुसार कई वर्षों के बाद घाटी में इतनी भारी बर्फबारी हुई है। वहीं पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों के अनुसार अप्रैल महीने तक गुलमर्ग में एडवांस बुकिंग हो चुकी है। जम्मू-कश्मीर से 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 हटने के बाद और उसके बाद कोरोना के चलते लॉकडाउन से घाटी में पर्यटन क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ, लेकिन नवंबर 2020 में हुई बर्फबारी की शुरुआत ने पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों में आस जगाई।
पर्यटकों को आकर्षित कर रही सफेद चादर में लिपटी घाटी, गुलमर्ग जाने का है प्लान तो जरूर पढ़ें ये खबर
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दिसंबर के साथ-साथ जनवरी में हुई भारी बर्फबारी ने एक बार फिर से पर्यटकों को कश्मीर की ओर आकर्षित करना शुरू कर दिया। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इस वर्ष जनवरी के पहले सप्ताह में भारी बर्फबारी हुई। जिसने पिछले 25 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ा है। नए साल के मौके पर ही गुलमर्ग में करीब 3 हजार से अधिक पर्यटक मौजूद थे।
कश्मीर घूमने आए पर्यटकों की संख्या पर नजर डालें तो इस वर्ष अब तक 20 हजार से ज्यादा पर्यटक घाटी घूमने पहुंचे। एक अधिकारी ने बताया कि 1 से 27 जनवरी तक गुलमर्ग में 15853 घरेलू पर्यटक जबकि 24177 स्थानीय लोग घूमने आ चुके हैं। आने वाले दिनों में यह आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है।
जम्मू संभाग में वर्ष 2020 में कोराना काल में भी श्री माता वैष्णो देवी के दर्शन के अलावा संभाग के विभिन्न पर्यटन केंद्रों पर 36 लाख पर्यटक पहुंचे। जबकि इससे पहले वर्ष 2019 में डेढ़ करोड़ पर्यटक आए थे।
इसमें से श्री माता वैष्णो देवी में 17 लाख, शिवखोड़ी में 437523, पटनीटॉप में 47443, मानसर में 11254, सनासर में 433, सुचेतगढ़ में 28699, चीची माता मंदिर में 39220, सुकराला माता मंदिर बिलावर में 60538, माता बाला सुंदरी कठुआ में 3759, जियारत साईं मिर्जा में 77984, नंगाली साहिब पुंछ में 26422 पर्यटक पहुंचे।