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जम्मू-कश्मीर: गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ...जयघोष से विदा हुए लाल बाग के राजा
Fri, 13 Sep 2019 01:25 AM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Fri, 13 Sep 2019 01:25 AM IST
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बप्पा का विसर्जन
- फोटो : अमर उजाला
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गणेश चतुर्थी पर दस दिनों तक चले गणेश महोत्सव का समापन गुरुवार को बप्पा के विसर्जन के साथ हुआ। सुबह पूजा-अर्चना के बाद धूमधाम के साथ बप्पा का विसर्जन किया गया। शहर के हरकी पौड़ी व अखनूर चिनाब दरिया में बप्पा की मूर्तियों के साथ उमड़े श्रद्धालुओं के सैलाब ने विसर्जन कर सूख-समृद्धि की कामना की।
गांधीनगर स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर से विसर्जन के लिए बप्पा की 16 फीट ऊंची प्रतिमा को ढोल-नगाड़ों की थाप और जयघोष के साथ निकाला गया। धार्मिक जयघोष के साथ गुलाल भी उड़ाया गया। उत्सवी माहौल में बच्चे, युवा-युवतियां व महिलाएं एक दूसरे पर गुलाल उड़ाते बप्पा की सवारी का स्वागत करते दिखे। मंदिर से पूजा-अर्चना के बाद सुबह करीब 11:30 पर बप्पा की मूर्ति विसर्जन के लिए निकाली गई।
इस दौरान पूरे इलाके में गणपति बप्पा मोरया के जयघोष गूंज उठे। जहां से भी बप्पा की मूर्ति निकली हर कोई हाथ जोड़कर आराधना करता दिखा। अखनूर से पहले गुड़ाबतन पर चिनाब दरिया में बप्पा की 16 फीट ऊंची मूर्ति का विधिवत विसर्जन किया गया। इस दौरान जगह-जगह पर बप्पा के स्वागत के लिए लोग खड़े रहे।
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आप शंभू मंदिर सतवारी, पंछी नगर रिहाड़ी और बाबा लाल द्वार मंदिर लास्ट मोड़ गांधीनगर में आयोजित गणेश महोत्सव का भी समापन हुआ। गुरुवार सुबह बप्पा की पूजा-अर्चना के बाद अखनूर स्थित चिनाब दरियां में बप्पा की मूर्ति का विसर्जन किया गया। बप्पा को विदाई देने काफी संख्या में लोग शामिल हुए। इस दौरान चारों ओर गणपति बप्पा मोरया के जयघोष लगे।
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हरकी पौड़ी सुबह से पहुंचने लगे लोग
हरकी पौड़ी, तवी नदी पर भी सुबह से लोगों का पहुंचना शुरू हो गया। विसर्जन के हाथों में बप्पा की मूर्ति लिए लोग परिवार सहित पहुंचे। इस दौरान लोगों ने बप्पा से अगले साल फिर आने की कामना की। गणेश चतुर्थी पर शहरवासी अपने घरों में बप्पा की मूर्ति को स्थापित कर पूजा-अर्चना करते हैं। इसके बाद बप्पा की मूर्ति का विसर्जन कर सुख-समृद्धि की कामना करते है। सुबह लोगों ने घरों में बप्पा की पूजा-अर्चना कर विभिन्न पकवानों का भोग भी लगाया।
हरकी पौड़ी, तवी नदी पर भी सुबह से लोगों का पहुंचना शुरू हो गया। विसर्जन के हाथों में बप्पा की मूर्ति लिए लोग परिवार सहित पहुंचे। इस दौरान लोगों ने बप्पा से अगले साल फिर आने की कामना की। गणेश चतुर्थी पर शहरवासी अपने घरों में बप्पा की मूर्ति को स्थापित कर पूजा-अर्चना करते हैं। इसके बाद बप्पा की मूर्ति का विसर्जन कर सुख-समृद्धि की कामना करते है। सुबह लोगों ने घरों में बप्पा की पूजा-अर्चना कर विभिन्न पकवानों का भोग भी लगाया।