लखनपुर-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर आने जाने वाले ट्रकों और लोड कैरियर वाहनों की जांच होगी। हर एक वाहन फुल बॉडी स्कैनर से होकर निकलेगा। तीन स्थानों पर फुल बॉडी स्कैनर लगाने की योजना बनाई गई है। सीआरपीएफ की ओर से इसका प्रस्ताव बनाकर संबंधित निदेशालय में भेज दिया गया है। एक नामी निजी कंपनी से इसका सर्वे भी करवाया गया है। दरअसल, जम्मू से श्रीनगर जाने वाले ट्रकों और लोड कैरियर वाहनों में हथियारों, पशुओं और नशे की बड़े स्तर पर तस्करी हो रही है। आतंकी और नशा तस्कर अपनी गतिविधियों के लिए इनका सहारा ले रहे हैं। जिस पर अंकुश लगाने के लिए यह कवायद शुरू की गई है।
आतंकियों और तस्करों की खैर नहीं: लखनपुर-श्रीनगर हाईवे पर तीन जगह लगेंगे फुल बॉडी स्कैनर
जम्मू संभाग के आईजी मुकेश सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि सीआरपीएफ की ओर से यह स्कैनर लगाए जाएंगे। स्कैनर लगाने की प्रक्रिया चल रही है। सीआरपीएफ के जम्मू में प्रवक्ता शिव कुमार का कहना है कि तीन जगहों पर स्कैनर लगाने का प्रस्ताव बनाकर संबंधित निदेशालय को भेजा गया है। जल्द ही इस पर काम शुरू होने की संभावना है। इसका सर्वे भी कराया गया है।
पिछले पांच साल में हाईवे पर पशु तस्करी, नशा तस्करी और हथियारों की तस्करी के छह हजार से अधिक केस दर्ज हुए हैं। इनमें 4 हजार एफआईआर पशु तस्करी की दर्ज हुई हैं। दो हजार एफआईआर नशा तस्करी की और 15 एफआईआर हथियारों की तस्करी की हुई हैं। आरटीआई कार्यकर्ता एवं एडवोकेट वंशज शर्मा ने एक आरटीआई में इसकी जानकारी प्राप्त की। इस जानकारी से साफ है कि किस तरह से ट्रक और लौड कैरियर तस्करी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
झज्जर कोटली, नगरोटा में तीन बार कश्मीर जाने वाले ट्रकों में आतंकियों को पकड़ा गया है। यह आतंकी अपने साथ हथियार भी लेकर जा रहे थे। मौजूदा समय में जम्मू और कश्मीर आने जाने वाले ट्रकों की जांच करने के लिए पुलिस के जवान ही मौजूद हैं। नाकों पर सीआरपीएफ के साथ पुलिस वाहनों की मैन्युअल जांच ही करती है।