भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का निधन हो गया है। उन्होंने आज दोपहर दिल्ली एम्स में 12 बजकर सात मिनट पर आखिरी सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे देश के साथ ही जम्मू-कश्मीर में शोक की लहर दौड़ गई। जेटली का जम्मू-कश्मीर से गहरा नाता रहा है। उनकी पत्नी जम्मू-कश्मीर के गिरधारी लाल डोगरा की बेटी हैं। गिरधारी लाल जम्मू-कश्मीर के वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं जम्मू-कश्मीर विधानसभा के सदस्य थे। डोगरा ने दो बार संसद सदस्य के रूप में और छह बार विधान सभा के सदस्य के रूप में कार्य किया।
इस दिग्गज कांग्रेसी नेता की बेटी से हुई थी जेटली की शादी, पत्नी ने दिए थे बजट को 10 में से 9 नंबर
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बात है उस समय की जब जेटली वित्त मंत्री थे। बतौर वित्त मंत्री उन्होंने संसद में बजट पेश किया। जिसकी चर्चा देश विदेश में हुई। इन सबके बीच एक बात जो सबसे ज्यादा चर्चा में रही वह थी जेटली की पत्नी द्वारा बजट को लेकर उनको नंबर देना। उन्होंने बजट की तारीफ करते हुए जेटली को दस में से नौ नंबर दिए थे। इसके बाद कहा कि वह उन्हें एक नंबर मानवीय चूक के कारण नहीं दे रही हैं। संसद में पेश पांचवें बजट का भाषण सुनने के बाद जेटली की पत्नी ने संसद भवन के परिसर में यह टिप्पणी की थी। बता दें कि अरुण जेटली की पत्नी उनका बेटा रोहन जेटली और बहन मधु भार्गव बजट सत्र के दौरान होने वाला भाषण सुनने आए थे।
संगीता जेटली ने कहा कि मैं इस बजट के लिए अरुण जेटली को दस में से नौ नंबर देती हूं। दस में दस नंबर न देने का कारण पूछने पर उन्होंने कहा कि मानवीय चूक भी हो सकती है, इसलिए एक नंबर कम दे रही हूं। संगीता ने कहा कि बजट में हर वर्ग का ख्याल रखा गया है। कांग्रेस द्वारा बजट की आलोचना करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस का काम है आलोचना करना।
इस दौरान जेटली के बेटे ने भी पिता की तारीफ करते हुए कहा कि बजट में दृष्टि है। इसके बाद जेटली की बहन भार्गव ने भाई को दस में से दस नंबर देने की बात कही। उन्होंने कहा कि उनके भाई ने अच्छा काम किया है और बजट उम्मीदों के अनुरूप है। यह सबके लिए अच्छा है।
अरुण जेटली के ससुर गिरधारी लाल डोगरा के बारे में अहम बातें
डोगरा का जन्म भैया गांव, जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा प्राथमिक विद्यालय गुरहा मुंडियन में हुई। प्राइमरी स्कूल से 5वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने गवर्नमेंट स्कूल में एडमिशन लिया। मिडिल स्कूल हीरानगर से उन्होंने 8वीं कक्षा तक पढ़ाई की। हाईस्कूल सांबा से उन्होंने मैट्रिक की पढ़ाई पूरी की। स्नातक की पढ़ाई के लिए हिंदू कॉलेज अमृतसर और बाद में कानून की शिक्षा लॉ कॉलेज लाहौर से ली। इसके बाद वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हो गए और उन्हें हिंदू कॉलेज अमृतसर के छात्र संघ के महासचिव के रूप में चुना गया।