बर्फबारी से जम्मू-कश्मीर के पर्यटन स्थल गुलजार हो गए हैं। कोविड महामारी और लाकडाउन झेलने के बाद सफेद चादर बिछने से पर्यटकों के आने की आस बढ़ी है। कई पर्यटन स्थलों पर सैलानियों ने रुख करना भी शुरू कर दिया है। श्री माता वैष्णो देवी में त्रिकुटा की पहाड़ियों और श्रीनगर में सीजन की पहली बर्फबारी हुई है।
बर्फबारी से गुलजार हुई घाटी, वैष्णो देवी में त्रिकुटा की पहाड़ियों पर हुई बर्फबारी, तस्वीरें मोह लेंगी आपका मन
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नत्थाटॉप, पटनीटॉप सहित अन्य पर्यटक स्थलों पर भी सफेद चादर बिछ गई है। इस बीच जवाहर टनल पर बर्फबारी और रामबन के विभिन्न हिस्सों में भूस्खलन से जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग 12 घंटे बंद रहा। जोजिला दर्रा पर बर्फबारी से श्रीनगर-लेह और राजोरी व पुंछ को शोपियां (कश्मीर) से जोड़ने वाला मुगल रोड अभी नहीं खुल पाया है। पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी से कई संपर्क मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं।
ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में तड़के बर्फबारी हुई। यहां पिछले चौबीस घंटे में रुक रुक कर बारिश भी जारी रही, हालांकि शनिवार को मौसम में सुधार भी हुआ। जिला डोडा के गुरमाल गांव में भारी बारिश से फंसे आठ परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। जिला पुंछ के पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी हुई है। जम्मू में दिनभर बादल छाए रहे। इससे तापमान में गिरावट आई है।
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार रविवार को मौसम में सुधार होगा। हालांकि जम्मू और कश्मीर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन आगामी दिनों में मौसम साफ रहेगा।
कई जिलों में हिमस्खलन का खतरा, आपदा प्रबंधन अलर्ट
बर्फबारी के बाद कई पर्वतीय जिलों में हिमस्खलन का खतरा बना हुआ है। पुंछ, रामबन, डोडा, किश्तवाड़, बारामुला, कुपवाड़ा, बांदीपोरा और गांदरबल जिले में मध्यम श्रेणी के खतरे (येलो अलर्ट) और अनंतनाग व कारगिल जिले में निम्न श्रेणी के खतरे वाले हिमस्खलन की चेतावनी दी गई है। प्रशासन की ओर से संभावित जिलों में लोगों को बर्फबारी प्रभावित क्षेत्रों में न जाने का हिदायत दी गई है। इसके साथ हिमस्खलन के खतरों को देखते हुए आपात प्रबंधन को अलर्ट पर रखा गया है।