भारतीय व्यापार संवर्धन परिषद मार्च में देश के विभिन्न शहरों में प्रदर्शनियां आयोजित करने जा रहा है। इनमें जम्मू-कश्मीर के हस्तशिल्प और कथकरघा विभाग से जुड़े कलाकार और कारीगर भाग लेंगे। कोरोना महामारी की वजह से मार्च 2020 के बाद से यह लोग किसी भी प्रदर्शनी में हिस्सा नहीं ले पाए।
प्रदेश के हस्तशिल्प और हथकरघा विभाग के एक प्रतिनिधिमंडल ने इंडिया ब्रांड इक्विटी फाउंडेशन (आईबीईएफ), ट्रेड प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (टीपीसीआई) और फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (एफआईईओ) के वरिष्ठ अधिकारी के साथ बैठक की, जिसमें इस पर चर्चा की गई।
कोरोना महामारी के बाद पहली बार कलाकार और कारीगर बाहरी राज्यों में प्रदर्शनी में भाग लेंगे। इससे उन्हें रोजगार भी मिलेगा, जिसे लेकर कलाकार और कारीगर वर्ग के लोग खुश हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश में हस्तशिल्प और हथकरघा से जुड़े उत्पादों पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान यह फैसला लिया गया कि टीपीसीआई मार्च महीने में देश के विभिन्न शहरों में प्रदर्शनियां आयोजित करेगी।
इसमें प्रदेश के कारीगरों और कलाकारों को भी अपने उत्पाद को दिखाने का मौका दिया जाएगा। हर प्रदर्शनी में 25 से 30 कलाकारों के ग्रुप को बुलाया जाएगा। प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल में हस्तशिल्प और हथकरघा निदेशालय जम्मू व कश्मीर के निदेशक और अन्य अधिकारी हैं। इस दौरान जम्मू और कश्मीर में निर्मित उत्पादों की ब्रांड बिल्डिंग पर भी चर्चा की गई।
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