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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Justice served after nine years insurance company to pay 1.28 crore to deceased bank manager's family.

सड़क हादसे में उजड़ा परिवार: नौ साल बाद मिला इंसाफ, बीमा कंपनी मृतक बैंक मैनेजर के परिवार को देगी 1.28 करोड़

Wed, 09 Sep 2026 11:40 AM IST
Nikita Gupta अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: Nikita Gupta Updated Wed, 09 Sep 2026 11:40 AM IST
सार

करीब नौ साल पहले मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर हादसे में जान गंवाने वाले जम्मू निवासी बैंक मैनेजर सुमित कौल के परिवार को मोटर दुर्घटना दावा अभिकरण ने 1.29 करोड़ का मुआवजा देने का आदेश दिया है।

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Justice served after nine years insurance company to pay 1.28 crore to deceased bank manager's family.
अदालत। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुंबई में बैंक मैनेजर के पद पर कार्यरत जम्मू निवासी सुमित कौल की सड़क हादसे में मौत के करीब नौ साल बाद मोटर दुर्घटना दावा अभिकरण ने मुआवजे पर फैसला सुनाया है। पीठासीन अधिकारी खेमराज शर्मा ने बीमा कंपनी को 1,28,97,690 रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। इसमें अंतरिम मुआवजे की राशि भी शामिल है। दावा याचिका दायर करने की तारीख से भुगतान तक 7.5 फीसदी सालाना साधारण ब्याज भी देना होगा।

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मामले के अनुसार 23 दिसंबर 2017 को सुबह करीब चार बजे सुमित कौल कार से मुंबई से राजकोट जा रहे थे। आरोप था कि चालक सचिन चालके तेज रफ्तार और लापरवाही से कार चला रहा था। मौजे धमदाची के पास नेशनल हाईवे-8 (मुंबई-अहमदाबाद हाईवे) पर चालक कार पर नियंत्रण खो बैठा और कार आगे जा रहे ट्रक से टकरा गई। हादसे में सुमित कौल की मौके पर ही मौत हो गई।

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हादसे के करीब नौ महीने बाद 7 सितंबर 2018 को मोटर दुर्घटना दावा अभिकरण में मुआवजे की याचिका दायर की गई। सुमित कौल की नाबालिग बेटी अक्षया कौल की ओर से उनकी मां विजय और पिता महाराज कृष्ण ने याचिका दायर की। कार चालक सचिन चालके, कार मालकिन एना जगदीश बख्शी और बीमा कंपनी बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस को मामले में प्रतिवादी बनाया गया। हादसे के समय 35 वर्षीय सुमित कौल मुंबई के एक निजी बैंक में मैनेजर थे और उन्हें 88,149 रुपये मासिक वेतन मिल रहा था। याचिकाकर्ताओं ने नौ फीसदी सालाना ब्याज के साथ 1,50,50,000 रुपये मुआवजे की मांग की थी।

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मामले में चालक और कार मालकिन को क्रमश
12 जुलाई 2021 और 4 सितंबर 2023 को एक-पक्षीय घोषित कर दिया गया। सभी पक्षों को सुनने के बाद अभिकरण ने 1,28,97,690 रुपये मुआवजा तय किया और इसके भुगतान की जिम्मेदारी बीमा कंपनी पर डाली। राशि पर दावा दायर करने की तारीख से भुगतान तक 7.5 फीसदी सालाना साधारण ब्याज भी देना होगा।

कार मालकिन की आपत्ति
वाहन मालकिन ने कहा कि कार का प्राइवेट कार पैकेज इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत व्यापक बीमा था, जिसमें कार में सवार लोगों का जोखिम भी कवर था। हादसे में वाहन को हुए नुकसान का दावा बीमा कंपनी ने दुर्घटना की पुष्टि, ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन के दस्तावेज की जांच के बाद निपटा दिया था। लिहाजा, यदि याचिकाकर्ताओं का दावा साबित होता है और मुआवजा तय किया जाता है तो उसका भुगतान बीमा कंपनी को करना चाहिए।

बीमा कंपनी की आपत्ति
बीमा कंपनी ने याचिका के आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि दुर्घटना के समय वाहन चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था और उसे वाहन सौंपना पॉलिसी की शर्तों का उल्लंघन है। कंपनी ने हादसे को अज्ञात ट्रक की टक्कर बताते हुए इसे हिट एंड रन के प्रावधानों के तहत आने वाला मामला बताया। साथ ही ट्रक के चालक, मालिक और बीमाकर्ता को पक्षकार नहीं बनाए जाने पर आपत्ति जताई। कंपनी ने दावा राशि को भी अत्यधिक बताते हुए याचिका खारिज करने की मांग की।

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