हिजबुल कमांडर नवीद बाबू के साथ गिरफ्तार डीएसपी दविंदर सिंह से एनआईए ने दूसरे दिन भी ज्वाइंट इंटेरोगेशन सेंटर में पूछताछ की। उम्मीद है कि आज यानी कि सोमवार को जांच एजेंसी आगे की पूछताछ के लिए दविंदर को रिमांड पर दिल्ली ले जा सकती है। इस बीच डीएसपी द्वारा 15 साल पहले आतंकियों को सुरक्षित रास्ता दिलाने के लिए की गई कोशिश संबंधी एक और मामला सामने आया है। एनआईए इसे भी अपनी जांच में शामिल करेगी।
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निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
सूत्रों के अनुसार दिल्ली पुलिस ने एक जुलाई, 2005 को गुरुग्राम-दिल्ली सीमा से चार आतंकियों को गिरफ्तार किया था। इनके पास से नकली 50 हजार रुपये, हथियार और गोला-बारूद भी बरामद हुआ था। इन आतंकियों में से दो की पहचान साकिब रहमान उर्फ मसूद और हाजी गुलाम मोइनुद्दीन डार उर्फ जाहिद के रूप में हुई थी।
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निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह
- फोटो : अमर उजाला, ग्राफिक्स
एक एयरबेस का स्केच और डीएसपी की ओर से लिखा गया पत्र भी बरामद हुआ। पत्र गुलाम मोइनुद्दीन के पास था। पत्र पर डीएसपी के हस्ताक्षर थे और उसमें लिखा था कि पुलवामा के गुलाम मोइनुद्दीन को ऑपरेशन ड्यूटी के लिए पिस्तौल और वायरलेस सेट ले जाने की अनुमति दी गई है। पत्र में सभी सुरक्षा एजेंसियों को इनके लिए सुरक्षित मार्ग प्रदान करने को कहा गया था।
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निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह
- फोटो : अमर उजाला, ग्राफिक्स
गिरफ्तारी के बाद गुलाम मोइनुद्दीन को लेकर एक सप्ताह बाद दिल्ली पुलिस ने उसके पुलवामा स्थित घर पर छापा मारा। यहां से 10 यूबीजीएल ग्रेनेड और एक वायरलेस सेट बरामद किया गया था। इसके साथ ही साहिब रहमान के श्रीनगर स्थित दो मंजिला इमारत से भी हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए थे।
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निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह
- फोटो : सोशल मीडिया
सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने अदालत में दाखिल अपनी चार्जशीट में दावा किया है कि मोइनुद्दीन और रहमान ने खुलासा किया था कि वे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के निर्देश पर काम कर रहे थे। दोनों ने अन्य लोगों के पास रखे गए हथियारों व गोला-बारूद के बारे में भी जानकारी दी थी।