आज से नवरात्र शुरू हो चुका है। ऐसे में लोग खास तौर वैष्णो देवी जाकर माता का दर्शन कर रहे हैं। इस दौरान मंदिर में भक्तों की भयंकर भीड़ लग रही है। नवरात्र में खास 2 दिनों में माता के दरबार में भक्तों की सबसे अधिक लाइन लगती है।
प्रथम नवरात्र पर चालिस हजार के करीब श्रद्धालुओं ने मां वैष्णो देवी के दर्शन किए। पिछले वर्ष भी शारदीय नवरात्र पर लगभग इतने ही भक्तों ने भवन में माथा टेका था। पहले और आखिरी नवरात्र पर दर्शन करने वालों की संख्या ज्यादा होती है।
पंजीकरण कक्ष के अनुसार प्रथम शारदीय नवरात्र पर शाम पांच बजे तक 25 हजार के करीब भक्त पंजीकरण करवा चुके थे। वहीं पंजीकरण कक्ष के बंद होने से कुछ समय पहले तक यह आंकड़ा चालीस हजार के करीब पहुंच गया था, जबकि हेलीकाप्टर से जाने वाले भक्त इसमें शामिल नहीं थे।
शारदीय नवरात्र में आते हैं ज्यादा श्रद्धालु
शारदीय नवरात्र में चैत्र नवरात्र के मुकाबले भक्तों की संख्या अधिक रहती है। वर्ष 2017 के शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन 41126 भक्तों ने भवन में माथा टेका था, जबकि वर्ष 2016 में यह संख्या 38 हजार के करीब थी। नवरात्र पर्व के बीच आने वाले शनिवार को भी भक्तों की संख्या अधिक रहती है। पिछले वर्ष शारदीय नवरात्र पर तीन लाख के करीब भक्तों ने भवन में माथा टेका था।
अब एक करोड़ होता है वार्षिक आंकड़ा
गौरतलब है कि श्राइन बोर्ड के गठन से पहले भक्तों की वार्षिक संख्या पंद्रह लाख तक ही सिमित थी। वर्तमान में भक्तों का वार्षिक आंकड़ा एक करोड़ तक पहुंचता है। महोत्सव जैसे आयोजन से भी भक्तों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी लाने के लिए कई योजनाओं पर काम जारी है।