जन्मदिन की अगली रोज शहीद हुआ ये जवान, बेटा बोला-आतंकियों से बदला लेकर ही मनाऊंगा अपना बर्थ डे
शहीद जवान के बेटे की जुबान बार-बार बस यही आ रहा था कि पापा की मौत का बदला वह दुश्मनों से लेकर रहेगा। उसके बाद ही वह अपना जन्म दिवस मनाएगा।
आतंकी हमले में शहीद सीआरपीएफ के जवान थन्नामंडी तहसील के दोदासन वाला निवासी नसीर अहमद की पार्थिव देह शनिवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे पैतृक गांव पहुंची। इसके बाद शहीद को नम आंखों के साथ सपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
21 तोपों की दी सलामी
शहीद सीआरपीएफ जवान नसीर अहमद को 21 तोपों की सलामी देने के बाद सपुर्द-ए-खाक कर दिया। इस मौके पीएमओ राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, सांसद जुगल किशोर शर्मा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र रैना, सलाहकार के विजय कुमार, सीआरपीएफ डीआईजी नीतू कुमारी व भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने मौके पर पहुंच कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
13 फरवरी 1972 को जन्मे शहीद नसीर अहमद अपने 47 जन्मदिन के अगले ही दिन वीरगति को प्राप्त हुए। शहीद की बेटी फलक ने बताया कि उनके पिता जन्मदिवस पर बहुत खुश थे। 13 फरवरी को बच्चों के साथ जन्मदिन मनाने के बाद ड्यूटी पर रवाना हुए और अगले ही दिन शहीद हो गए।