जम्मू-कश्मीर के बारामुला में कोरोना पीड़ित मृत मरीज के अंतिम संस्कार में रविवार को पूरे चिकित्सकीय स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) का पालन किया गया। जिले के टंगमर्ग में संस्कार में केवल उसके तीन पुत्र और कब्र खोदने वाले ही शामिल थे। पिता को सुपुर्द-ए-खाक करने के बाद तीनों बेटे खुद ही एकांतवास में चले गए। रविवार की सुबह टंगमर्ग के बुजुर्ग ने श्रीनगर के चेस्ट अस्पताल में दम तोड़ दिया था। टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आने के साथ ही बुजुर्ग के संपर्क में रहने वालों को शनिवार शाम को एकांतवास कर दिया गया था।
पिता को सुपुर्द-ए-खाक कर एकांतवास में चले गए बेटे, तड़पते रहे परिजन पर आखिरी बार देख न सके
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टंगमर्ग के तहसील और एसएचओ की देखरेख में पूरे धार्मिक रीति रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान शामिल सभी लोगों ने बचाव संबंधी सभी कपड़े पहने थे और अन्य उपाय किए थे। साथ ही सामाजिक दूरी भी बनाए रखी गई। शव के पहुंचने पर पूरी कब्रगाह को सेनिटाइज किया गया था।
मौत की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन के लोगों ने टंगमर्ग में बुजुर्ग के गांव पर पहुंचकर लोगों को कोरोना वायरस के प्रति सचेत किया। संस्कार में कम से कम लोगों के पहुंचने का आह्वान किया। इस अपील पर लोग तैयार हो गए। इससे पहले प्रशासन की ओर से कब्र खोदने का पूरा इंतजाम कर दिया गया था।
वहीं जम्मू संभाग के कठुआ में आईआरपी का एक जवान, जो तीन दिन से सिटी पुलिस की क्यूूआरटी के साथ तैनात था, उसे एहतियातन एकांतवास में रखा गया है। दरअसल उधमपुर जिले में सामने आए तीन कोरोना पॉजीटिव मामलों में से एक आईआरपी जवान का ससुर है, जो जमात कर लौटा था।
जानकारी के अनुसार बीते सप्ताह ही जवान बिलावर स्थित अपने घर भी गया था। ऐसे में पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या जवान अपने ससुर के संपर्क में आया था। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि फिलहाल पूछताछ जारी है और एहतियातन उसे क्वारंटीन सेंटर में रखा गया है।