जम्मू-कश्मीर में कोरोना संक्रमण से हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। मरीजों की संख्या प्रतिदिन बढ़ रही है। गुरुवार को जम्मू के सीडी अस्पताल में मरीजों के लिए बेड नहीं बचे। सभी 110 बेड भर चुके हैं। नए मरीजों को अस्पताल के पार्क में बेड खाली होने तक इंतजार करने के लिए कहा जा रहा है। हालांकि ऑक्सीजन की फिलहाल कोई कमी नहीं है। पार्क में इंतजार कर रहे मरीजों को ऑक्सीजन सिलेंडर मुहैया करवा दिए गए हैं।
बेड खाली नहीं, पार्क में इंतजार करें: ये हाल है जम्मू-कश्मीर के इस अस्पताल का, गवाह हैं तस्वीरें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उधर, उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक सप्ताह में कश्मीर संभाग में ऑक्सीजन की सुविधा से युक्त 1050 बेड बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। कश्मीर संभाग के वरिष्ठ डाक्टरों व मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें कर उन्होंने संकट की इस घड़ी में मरीजों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही स्वास्थ्य ढांचों में बढ़ोतरी के भी निर्देश दिए।
उप राज्यपाल ने कहा कि हमारी प्राथमिकता कोरोना चेन को तोड़ना है, जिसके लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत है ताकि बेशकीमती जान बचाई जा सके। उन्होंने जरूरत के हिसाब से एंबुलेंस सुविधा तत्काल उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही धर्म गुरुओं से अपील की कि वे कोरोना एसओपी का पालन करने के लिए लोगों को जागरूक करें। इसके साथ ही टीकाकरण के लिए भी लोगों को जागरूक किया जाए ताकि मृत्यु दर को कम किया जा सके। कोरोना की जांच और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग पर भी ध्यान केंद्रित किया जाए। ज्यादा से ज्यादा संख्या में टीकाकरण के लिए मोबाइल वैन की तैनाती की जाए।
श्रीनगर में 36 मोबाइल वैन फिलहाल तैनात किए गए हैं, जिन्हें भविष्य में बढ़ाया जाएगा। उन्होंने ऑक्सीजन की उपलब्धता की जानकारी लेते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सभी अस्पतालों तथा स्वास्थ्य संस्थानों में प्रचुर मात्रा में इसकी उपलब्धता हो। उन्होंने नए ऑक्सीजीन प्लांट में सिलिंडर का पर्याप्त स्टाक भी रखने को कहा।
बैठक में उप राज्यपाल ने स्वास्थ्य सेक्टर में मानव प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए मेधावी मेडिकल स्नातकों को रखने को कहा। सरकारी सेवाओं से सेवानिवृत्त डॉक्टरों व पैरा मेडिकल स्टाफ से संपर्क में रहने को कहा ताकि जरूरत पड़ने पर उनकी सेवाएं ली जा सकें। उन्होंने कोरोना महामारी के नियंत्रण में पूरे चिकित्सा समुदाय के प्रयासों की सराहना की।