कोरोना की दूसरी लहर में आए दिन मरीजों की मौतों का आंकड़ा तेजी से बढ़ता जा रहा है। संक्रमितों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। घरों में आइसोलेशन में रहकर लोग उपचार कर रहे हैं। ऐसे में लोगों में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है। लेकिन कोरोना महामारी का यह दौर अस्थायी है। बस यही अपने मस्तिष्क और दिल को हर व्यक्ति को समझाना चाहिए।
डॉक्टर की सलाह: कोरोना काल में तनाव को इस तरह दें मात, परिवार के साथ बांटें खुशी और करें ये काम
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डॉ. रोहित लाहोरी का कहना है कि कोरोना काल में सिर्फ कोविड से संबंधित विषयों पर परिवार के सदस्यों से चर्चा नहीं करनी चाहिए। न ही दिन भर टीवी पर ऐसे समाचार देखने व सुनने चाहिए। इनके अलावा भी जिंदगी में काफी कुछ है। हो सके तो जरूरतमंद लोगों की यथासंभव मदद करें। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जन जागरूकता अपने आसपास के लोगों में फैलाएं।
बताया कि नकारात्मक सोच नहीं बल्कि सकारात्मक सोच के साथ ही कोरोना से जंग को जीता जा सकता है। अस्पतालों में डॉक्टर व पैरा मेडिकल स्टाफ व अन्य फ्रंट लाइन कोरोना वारियर्स मरीजों की दिन रात सेवा में जुटे हैं। इनकी हौसला आफजाई भी कम से कम सोशल मीडिया के माध्यम से नागरिकों को करनी चाहिए।
- घर से बहुत ही जरूरत पड़ने पर बाहर निकलें
- कोविड विषय पर कम से कम चर्चा करें
- अस्थायी दौर जल्द खत्म होगा मन को समझाएं
- नकारात्मक विचारों को छोड़ सकारात्मक बनें
- मास्क पहनें व बार-बार हाथ धोने को आदत बनाएं
- तनाव न लें, यह बीमारियों की जड़ है