जम्मू कश्मीर में कोरोना वायरस से बचाव के लिए प्रशासन ने दुकानों और एटीएम के बाहर भीड़ रोकने के लिए चूने से घेरे बनाए हैं। बैंकों के एटीएम, फल, सब्जी, किराना, मेडिकल स्टोर के बाहर लगने वाली भीड़ को कम करने के लिए प्रशासन ने घेरे बनाए हैं, ताकि सोशल डिसटेंस बनी रहे। साथ ही अपील की गई है जरूरी खरीदारी के लिए बाजारों में निकले लोग इन्हीं घेरों में खडे़ होकर एक दूसरे से दूरी बनाए रखें। सभी घेरों के बीच एक से डेढ़ मीटर की दूरी है। वहीं तस्वीर में दिख रहे युवकों ने सोशल डिसटेंसिंग के नियमों का उल्लंघन किया तो पुलिस ने इन्हें काफी देर तक इन्हीं घेरों में बैठाए रखा। इसके बाद नियमों का पालन करने की अपील करते हुए सभी को छोड़ दिया।
तस्वीरेंः इन घेरों में रहकर दे सकते हैं कोरोना को मात, इन्होंने नहीं माने नियम तो भुगतनी पड़ी सजा
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वहीं कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए जम्मू-कश्मीर की लद्दाख, पंजाब और हिमाचल प्रदेश से लगती सभी सीमाएं सील कर दी गई हैं। सभी 12 प्रवेश द्वारों को सील करने के बाद केंद्र शासित प्रदेश में केवल लखनपुर से प्रवेश किया जा सकेगा। यहां से आने वाले सभी लोगों को 14 दिन एकांतवास में कठुआ में बने केंद्रों में रहना होगा। जम्मू-कश्मीर को पंजाब और हिमाचल से जोड़ने वाले कठुआ जिले के अटल सेतु को सील कर दिया गया है।
इससे बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों और वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। राज्य के प्रवेश द्वार पर 400 लोग फंसे हुए हैं। इस बीच प्रवेश द्वार लखनपुर से लेकर पूरे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में लॉकडाउन है। आवश्यक सेवाओं में शामिल चीजों को छोड़कर शेष सभी दुकानें बंद हैं। हालांकि, लॉकडाउन के बाद भी सड़कों पर निकले लोगों के प्रति प्रशासन ने दोपहर बाद सख्ती दिखाई। इसके बाद सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।
उधर, लॉकडाउन के दौरान सरकारी आदेशों की अवहेलना करने पर मुकदमे के साथ ही अब गिरफ्तार करने की भी तैयारी है। लॉकडाउन की घोषणा के बावजूद लोगों के घरों से निकलने को सरकार ने गंभीरता से लिया है। इसके तहत आदेशों का उल्लंघन करने वाले पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। इन्हें छह महीने की सजा भी हो सकती है।
हालांकि, अभी इसका आदेश जारी नहीं हुआ है, लेकिन सरकार ने सभी डीसी को आदेश का सख्ती से पालन करने को कहा है। इस बीच प्रशासन ने सभी डीसी को अपने यहां खाली सरकारी भवनों के बारे में जानकारी जुटाने को कहा है ताकि जरूरत पड़ने पर इन्हें एकांतवास केंद्र के रूप में बदला जा सके।