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कोरोना योद्धा: दिन रात एक कर काम कर रहे हैं तजामुल हुसैन, बोले- मानव सेवा का जोश देता है ताकत

Sat, 22 May 2021 05:41 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Sat, 22 May 2021 05:41 PM IST
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Corona warrior Tajamul Hussain said human service gives strength
जम्मू-कश्मीर में कोरोना वायरस - फोटो : बासित जरगर

कोरोना से संक्रमित लोगों की देखभाल में दिन रात एक कर काम कर रहे कोरोना वॉरियर्स में फिजियोथेरेपिस्ट तजामुल हुसैन गिरि भी शामिल हैं। पिछले साल 18 जून को वह अपनी बहन की शादी में भी शामिल नहीं हो पाए थे। इसका कारण था कि वह जिला अस्पताल रामबन में कोरोना संक्रमितों की जांच कर अपना कर्तव्य निभा रहे थे। उन्होंने कहा कि वह अपनी बहन की शादी में अपने पैतृक गांव क्रावा नहीं पहुंच पाए। फिर भी उन्हें कोई गंभीर चिंता नहीं थी, क्योंकि वह खिदमत-ए-खल्क (मानव जाति की सेवा) में दृढ़ता से विश्वास करते हैं। 



तजामुल ने कहा कि उनके लिए समाज के प्रति कर्तव्य सर्वोपरि है, और राष्ट्रीय संकट में पूरे मन से काम करना उनका नैतिक कर्तव्य है। हालांकि, पिछले साल रोस्टर के अनुसार, वह केवल वैकल्पिक सप्ताहों में काम करता थे। लेकिन, इस साल उन्हें रविवार और छुट्टियों में भी रोजाना सुबह नौ से देर शाम छह या सात बजे तक काम करना पड़ता है। सरकार ने मौजूदा महामारी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के सभी कर्मचारियों के अवकाश भी रद्द कर दिए हैं।
 

Corona warrior Tajamul Hussain said human service gives strength
जम्मू-कश्मीर में कोरोना वायरस - फोटो : बासित जरगर

जिला अस्पताल में, तजामुल आरएटी और आरटी-पीसीआर दोनों में लगभग 180 कोविड परीक्षण करते हैं। विशेष अभियान के दौरान औसतन और कभी-कभी उन्हें 250 परीक्षण तक करने पड़ जाते हैं। इसमें कोविड संक्रमण के अनुबंध का जोखिम बहुत अधिक होता है, जिससे उनके बच्चों और पत्नी की जान जोखिम में पड़ सकती है।

Corona warrior Tajamul Hussain said human service gives strength
जम्मू-कश्मीर में कोरोना वायरस - फोटो : बासित जरगर

गिरि ने अपनी दिनचर्या के बारे में कहा कि सुबह नौ बजे अस्पताल पहुंचने के बाद वह कुछ कागजी काम करते हैं और सैंपलिंग की तैयारी करते हैं। यह सिलसिला शाम चार बजे तक बिना किसी रुकावट के चलता है। फिर शाम को छह से सात बजे घर को निकलने से पहले सैंपल की व्यवस्था करनी होती है। कोडिंग, टैगिंग और पैकिंग के बाद उन्हें सुरक्षित रखना होता है। वह अपने माता-पिता की वजह से अपने परिवार को लेकर बेफिक्र रहते हैं।


 
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Corona warrior Tajamul Hussain said human service gives strength
जम्मू-कश्मीर में कोरोना वायरस - फोटो : बासित जरगर

इसी तरह कार्य स्थल पर भी डॉक्टर और उनके अन्य वरिष्ठ सहयोगियों के साथ मिलकर तजामुल एक टीम के रूप में काम करते हैं। अस्पताल प्रशासन भी उनकी रक्षा करने और उन्हें आवश्यक सुरक्षा सामग्री प्रदान करने में कोई कसर नहीं छोड़ता।

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Corona warrior Tajamul Hussain said human service gives strength
जम्मू-कश्मीर में कोरोना वायरस - फोटो : बासित जरगर

अपने सहयोगियों, कोरोना हेल्थ वॉरियर्स को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि सैंपलिंग या टीकाकरण के दौरान निर्धारित दिशा निर्देशों का पालन करने में थोड़ी सी भी लापरवाही एक मरीज की जान ले सकती है, और कई अन्य लोगों को भी जोखिम में डाल सकती है।

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