रामबन में घर में सो रहे लोगों पर बरपे प्रकृति के कहर ने चार को हमेशा की नींद सुला दिया है। हादसे में एक महिला अब भी लापता है। देर रात महज कुछ सेकंड में हुई इस घटना में सदस्यों को चिल्लाने तक की मोहलत नहीं मिली। पहाड़ी के नीचे बने दो मकानों के ठीक ऊपर बादल फटने से भारी मलबा और पत्थर कुछ ही देर में मकान के अंदर पहुंच गए। चार लोगों के शव घर के बाहर मलबे में दबे हुए बरामद हुए हैं।
इन शवों को निकालने में एसडीआरएफ को कड़ी मेहनत करनी पड़ी है। हादसे में घर आए एक मेहमान की भी मौत हुई है। ओम राज पड़ोस में ही रहते थे और वह द्वारकानाथ का रिश्तेदार था जो रात को ही उनके घर पहुंचा था।
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रामबन में बादल फटने के बाद आई तबाही
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जिस जगह यह हादसा हुआ है वहां तक पहुंचने के लिए कोई सड़क मार्ग नहीं है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों को भूस्खलन की जानकारी मिली और वे मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों ने रात में ही राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए। लेकिन मलबा और बारिश अधिक होने की वजह से लापता लोगों की जानकारी नहीं मिल पाई।
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रामबन में बादल फटने के बाद आई तबाही
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
लापता शवों को तलाशने का अभियान छेड़ा
इसके बाद स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी स्थानीय प्रशासन को दी। सुबह करीब तीन बजे राहत और बचाव टीमें घटनास्थल पर पहुंच गई थीं। इन टीमों ने मलबे में लापता शवों को तलाशने का अभियान छेड़ दिया।
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रामबन में बादल फटने के बाद आई तबाही में कई लोगों की मौत
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सुबह उपायुक्त मोहम्मद अलयास खान और एसएसपी अरुण गुप्ता एसडीआरएफ के साथ मौके पर पहुंचे। यहां चले बचाव अभियान के दौरान एक-एक करके शव मिलते गए। हालांकि महिला का शव देर शाम तक बरामद नहीं हो पाया।
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रामबन में बादल फटने से मारे गए लोगों के स्वजन और रिश्तेदार शोक में डूबे हुए
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गाडीग्रान कुमाटे गांव में लोगों के घर दूर-दूर बने हैं। लेकिन देर रात को तेज आवाज सुनने के बाद लोग जुटना शुरू हो गए और सबसे पहले उन्होंने बारिश के बीच ही राहत बचाव कार्य छेड़ दिया। स्थानीय लोगों के कहने पर ही राजगढ़ चौकी से पुलिस की टीम सुबह होने से पहले ही मौके पर पहुंच गई थी।