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जानिए कब-कब बादलों ने मचाई तबाही: पढ़ें बादल फटने के कारण?, जिससे मौत बनकर आता है पानी का रेला

अमित कुमार, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Thu, 29 Jul 2021 12:11 PM IST
जम्मू-कश्मीर में क्लाउडबर्स्ट(बादल फटने) की घटनाएं
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हिमालय बेल्ट से जुड़े हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर और लद्दाख में पिछले कुछ सालों से क्लाउडबर्स्ट (बादल फटने) की घटनाएं बढ़ी हैं। जम्मू और कश्मीर संभाग के कई पर्वतीय जिलों में पहले भी क्लाउडबर्स्ट भारी जानमाल का नुकसान कर चुके हैं। खासतौर पर मानसून सीजन में कई इलाके बुरी तरह से प्रभावित होते रहे हैं। इसमें जिला डोडा, किश्तवाड़, उधमपुर, साउथ कश्मीर, अमरनाथ श्राइन क्षेत्र, पहलगाम आदि पर्वतीय क्षेत्रों में खराब मौसम आफत लेकर आता रहा है। 

विशेषज्ञों के अनुसार समय के साथ असंतुलित हो रहा पर्यावरण भी क्लाउडबर्स्ट का एक कारण है। जिससे आसमान से बरसने वाले बारिश का संतुलन बिगड़ जाता है। राजधानी श्रीनगर जिला मुख्यालय से 90 किलोमीटर दूरी पर स्थित पहलगाम क्षेत्र के अदू इलाके में 12 जुलाई 2015 को क्लाउडबर्स्ट की बड़ी घटना हुई थी। इसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी। जबकि कई लोग बुरी तरह से जख्मी हो गए।
किश्तवाड़ में बादल फटने से हुआ भारी नुकसान
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श्री अमरनाथ श्राइन की पवित्र गुफा के पास 25 जुलाई 2015 को एक अन्य क्लाउडबर्स्ट की घटना में तीन लोगों की मौत हो गई। 20 जुलाई 2017 को डोडा में क्लाउडबर्स्ट की घटना में 6 लोगों की मौत हो गई थी और 11 लोग घायल हुए थे। इसमें कई घर क्षतिग्रस्त हो गए थे।
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किश्तवाड़ में बादल फटने से हुआ भारी नुकसान
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11 जनवरी 2018 को ग्यालुंग नाला लेह में क्लाउडबर्स्ट से नुकसान हुआ। इससे पहले 2014 में गया गांव लेह में क्लाउडबर्स्ट से बाढ़ आ गई थी। 12 जुलाई 2021 को गांदरबल में क्लाउडबर्स्ट से वाटलर क्षेत्र बुरी तरह से प्रभावित हुआ, लेकिन कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।
किश्तवाड़ में बादल फटने से हुआ भारी नुकसान
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2010 में लेह में क्लाउडबर्स्ट में ढांचों को नुकसान हुआ है। इसके अलावा हर साल अन्य कई क्लाउडबर्स्ट की घटनाएं होती रही हैं। ताजा घटना में किश्तवाड़ के दच्छन क्षेत्रमें क्लाउडबर्स्ट से सात लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग लापता है। जिनकी तलाश की जा रही है। 

 
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किश्तवाड़ में बादल फटने से हुआ भारी नुकसान
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मौसम विशेषज्ञ यशपाल शर्मा का कहना है कि पिछले कुछ सालों में हिमालय से जुड़े पर्वतीय राज्यों में क्लाउडबर्स्ट की घटनाएं बढ़ी हैं। इसका एक कारण पर्यावरण का असंतुलित होना भी है। हरियाली में कमी के कारण बारिश का संतुलन बिगड़ रहा है।
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