कोरोना संकट के बीच लगाए गए कर्फ्यू के चलते जम्मू संभाग के विकसित पर्यटन स्थल पटनीटॉप में लगातार पर्यटन उद्योग को काफी नुकसान हुआ है। सैलानियों के न आने से कारोबार ठप हो गया है। दो सप्ताह से पर्यटन स्थल में सन्नाटा पसरा हुआ है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी मार्च माह में पटनीटॉप में होटल व्यवसाय काफी प्रभावित हुआ था। अक्तूबर माह में पाबंदियों में कुछ छूट मिलने के बाद राहत मिली थी। बर्फबारी शुरू होने से पटनीटॉप में सैलानियों की बहार आने लगी थी। मगर कोरोना की दूसरी लहर के कारण इस बार भी पटनीटॉप में होटल कारोबार प्रभावित होना शुरू हो गया है।
तस्वीरें: कोरोना की मार से कारोबार चौपट, पर्यटकों से गुलजार रहने वाले पटनीटॉप की ये हालत रुला देगी
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आर्थिक परेशानी के चलते कई होटल संचालकों ने स्टाफ में कमी करते हुए कुछ कर्मियों को घर भेज दिया है। कारोबार आरंभ होने के बाद उन्हें वापस बुलाने की बात कही है। कोरोना के बढ़ते मामलों के बाद से पटनीटॉप में रौनक गायब हो गई है। पार्क वीरान पड़े हैं और होटल कारोबारियों व दुकानदारों को फिर से माहौल सही होने का इंतजार है। कारोबारियों ने सरकार से पर्यटन उद्योग पर ध्यान देकर कुछ चीजों में राहत देने की मांग की है।
पटनीटॉप में कारोबार कोरोना के चलते पिछले वर्ष भी चौपट हो गया था। वहीं, दूसरी लहर की दस्तक ने फिर से मुश्किलें पैदा कर दी हैं। गत दो सप्ताह से कारोबार नहीं हो रहा है। कुछ कर्मी ऐसी स्थिती को देख कर घर चले गए हैं, ताकि बोझ न पड़े। कारोबार आरंभ होने के बाद उन्हें वापस बुलाया जाएगा।- राजेश ठाकुर, होटल प्रबंधक, पटनीटॉप
कारोबार रुक सा गया है। सैलानियों की आवाजाही नहीं हो रही। कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते पटनीटॉप वीरान पड़ा है। इस कारण आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, गुजारा चलाने के लिए दूसरे काम करने पड़ रहे हैं। सभी फोटोग्राफर्स की यही हालत है। गत वर्ष भी कोरोना के कारण दिक्कतें झेलनी पड़ी थीं। इस बार भी कारोबार की उम्मीद नहीं है।- सुभाष कुमार, प्रधान, फोटोग्राफर यूनियन पटनीटॉप
पटनीटॉप टैक्सी यूनियन के अंतर्गत सौ से ज्यादा टैक्सियां हैं। लेकिन सैलानी ही नहीं होंगे तो कारोबार नहीं चल पाएगा। कई टैक्सी चलाने वालों ने लोन लेकर गाड़ी ली है। लेकिन कोरोबार नहीं होने की सूरत में फिर से परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। - प्रकाश चंद, प्रधान, टैक्सी यूनियन पटनीटॉप