जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर तैयार 8.5 किलोमीटर लंबी आधुनिक टनल का ट्रायल रन सफल रहा है। 16 जून को शुरुआती चरण में दो-दो घंटे ट्रैफिक छोड़ा गया, जबकि पिछले चौबीस घंटे लगातार वाहनों की आवाजाही करवाई गई। इसमें किसी भी तरह की परेशानी नहीं आई। 24 घंटे का ट्रायल शुक्रवार सुबह 10 बजे सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
बनिहाल-काजीगुंड हाईवे टनल से जम्मू से श्रीनगर का सफर 16 किलोमीटर कम हो जाएगा। खास बात है कि बर्फबारी समेत मौसम की दुश्वारियों के चलते जवाहर टनल और शैतानी नाले के आसपास अमूमन यातायात ठप रहने के कारण होने वाली मुश्किलों से भी निजात मिलेगी। करीब 2100 करोड़ की लागत से तैयार टनल को न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मैथड से तैयार किया गया है। निर्माण एजेंसी नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी के मुख्य प्रबंधक मुनीब टाक ने बताया कि दो-दो घंटे की अवधि के ट्रायल के बाद पूरे 24 घंटे का ट्रायल किया गया, जो पूरी तरह से सफल रहा है।
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बनिहाल-काजीगुंड टनल
- फोटो : बासित जरगर
अब टनल में अन्य तकनीकी टेस्ट किए जा रहे हैं। जल्द ही लोकार्पण के बाद इसे सामान्य यातायात के लिए खोला जाएगा। टनल में 126 जेट पंखे, आधुनिक 234 सीसीटीवी कैमरे और अग्निशमन यंत्र लगाए गए हैं।
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बनिहाल-काजीगुंड टनल
- फोटो : बासित जरगर
डबल ट्यूब टनल में ताजी हवा भीतर लाने और भीतर का प्रदूषण बाहर करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। हर 500 मीटर के बाद दोनों ट्यूब को जोड़ने वाले कॉरिडोर हैं, जो आपात स्थिति के लिए बनाए गए हैं।
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बनिहाल-काजीगुंड टनल
- फोटो : बासित जरगर
बनिहाल-काजीगुंड हाईवे टनल के दोनों सिरों पर टोल प्लाजा भी बनकर तैयार हो गए हैं। यहां आवाजाही करने वाले वाहनों को निर्धारित दर पर टोल देना होगा। टनल में अन्य तमाम पहलुओं पर भी काम को लगभग पूरा कर लिया गया है।
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बनिहाल-काजीगुंड टनल
- फोटो : बासित जरगर
जवाहर टनल की समुद्रतल से ऊंचाई 2194 मीटर है। बनिहाल-काजीगुंड टनल को इससे लगभग 400 मीटर नीचे 1790 मीटर की ऊंचाई पर तैयार किया गया है।