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मंदिरों के शहर के छात्र ले रहे बांस उत्पादन का प्रशिक्षण, त्रिपुरा से पहुंचे विशेषज्ञ

Tue, 23 Mar 2021 11:52 AM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: करिश्मा चिब Updated Tue, 23 Mar 2021 11:52 AM IST
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Bamboo production training is taken by students of city of temples, experts have arrived from Tripura
बांस उत्पादन पर प्रशिक्षण - फोटो : अमर उजाला

जम्मू विश्वविद्यालय के जोरावर सिंह सभागार में  सात दिवसीय बांस उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को स्वरोजगार के लिए आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे बांस उत्पादन के संबंध में प्रशिक्षण लेकर इसकी खेती कर सकें और दूसरों को भी रोजगार के काबिल बना सकें। छात्रों को प्रशिक्षण देने के लिए त्रिपुरा से विशेषज्ञ कार्तिक और दिमान दास व सांबा से तरसेम लाल और सुरजीत सिंह को विशेष रूप से बुलाया गया है। प्रशिक्षण के लिए 20 छात्रों ने आवेदन किया है। विश्वविद्यालय के उद्यमी और कौशल विकास केंद्र, अध्ययन केंद्र म्यूजोलॉजी की निदेशक पूनम शर्मा और प्रोफेसर अलका शर्मा की अध्यक्षता में कार्यक्रम शुरू किया गया है।

Bamboo production training is taken by students of city of temples, experts have arrived from Tripura
bamboo - फोटो : सोशल मीडिया

इसका उद्घाटन विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रोफेसर अरविंद जसरोटिया, प्रोफेसर नरेश पादा और क्लस्टर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर सिंधु कपूर ने किया । डॉ. पूनम शर्मा ने कहा कि बांस प्रशिक्षण का मकसद छात्रों में कौशल विकास करना है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में परंपराएं खत्म हो रही हैं।

Bamboo production training is taken by students of city of temples, experts have arrived from Tripura
बांस का छोटा पौधा - फोटो : social media

उन्हीं परंपराओं को बचाने के लिए बांस उत्पादन के प्रशिक्षण की यह पहल शुरू की गई है। इससे छात्र आधुनिक तरीके से काम करेंगे और प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को भी संजोएंगे। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में त्रिपुरा सरकार ने भी सहयोग किया है।
 

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Bamboo production training is taken by students of city of temples, experts have arrived from Tripura
बांस की बोतलें - फोटो : सोशल मीडिया

त्रिपुरा के दोनों विशेषज्ञ राज्य और राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार के लिए चुने जा चुके हैं। डॉ. पूनम ने कहा, उनके पास कुछ छात्र जम्मू विश्वविद्यालय के, कुछ क्लस्टर विश्वविद्यालय के और कुछ सिविल सोसाइटी के हैं। मौके पर डॉ. माले डे और डॉ. मनु मलोत्रा ने कहा कि वह म्यूजोलॉजी अध्ययन केंद्र में जुलाई 2021 से डिप्लोमा कोर्स की कवायद तेजी से शुरू करेंगे।

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बांस से बनी टोकरियां

म्यूजोलॉजी अध्ययन केंद्र छात्रों का कौशल विकास और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की पूरी कोशिश कर रहा है। इससे वह खुद ही नहीं बल्कि दूसरों को भी रोजगार के काबिल बनाएंगे। 

यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर में कंटेनमेंट जोन बनाने की तैयारी, सभी बीस जिलों में कोविड टेस्टिंग बढ़ाने के निर्देश

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