जम्मू में पुलवामा जैसा हमला दोहराने की साजिश आतंकी संगठन अल बद्र के कमांडर यूसुफ बलोच ने रची थी। वह इस समय पाकिस्तान में है। इस साजिश में पुलवामा के रहने वाले अबरार, उबेदुल्ला, राही हुसैन भटट् भी शामिल थे। जबकि साजिश को अंजाम देने के लिए पंजाब की देशभक्त यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले नर्सिंग के छात्र सुहेल बशीर को चुना था। सुहेल भी पुलवामा का रहने वाला है।
खुलासा: पाकिस्तान में बैठे आतंकी ने रची थी जम्मू में पुलवामा दोहराने की साजिश, बोरी में रखी गई थी आईईडी
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रकम जमा करने के लिए पर्ची पर गलत नाम लिखा और मोबाइल नंबर नौ डिजिट का दिया। इसके बाद अबरार ने उबेदुल्ला से कहा कि वह तीन हजार रुपये सुहेल के खाते में जमा कर दे, ताकि वह पंजाब से जम्मू आकर हमले को अंजाम दे सके।
12 जुलाई को जम्मू पहुंचा सुहेल, वर्मा होटल में रुका
12 जुलाई को सुहेल दोपहर बाद जम्मू पहुंचा और शहर के गुम्मट स्थित वर्मा होटल में रुका। सुहेल को बताया गया था कि 13 जुलाई को उसे सिद्दड़ा में एक व्यक्ति मिलेगा, जो उसे आईईडी देगा। ये सभी बातें अबरार, यूसुफ बलोच, राही हुसैन और उबेदुल्ला के व्हाट्सएप के वर्चुअल नंबर पर हो रही थीं। जब सुुहेल सिद्दड़ा पहुंचा तो उसे कहा गया कि आईईडी देने कोई व्यक्ति नहीं आएगा। उसके मोबाइल पर वीडियो और तस्वीरें आईं। इसमें आईईडी वाली जगह की लोकेशन बताई गई थी। इन वीडियो और तस्वीरों के आधार पर सुहेल ने सिद्दड़ा के ग्रैंड हिल रेस्तरां के पास से एक बोरी में पड़ी छह किलो आईईडी उठा ली।
इसके बाद उसे कहा गया कि अब वह जम्मू में रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, एयरपोर्ट या किसी अन्य भीड़भाड़ वाले इलाके में लगाकर धमाका करे। सुुुहेल ने हमले के लिए बस स्टैंड को चुना। इसके पीछे वजह यह थी कि पंजाब में पढ़ाई के वक्त सुहेल अकसर जम्मू के बस स्टैंड से ही बस पकड़ता था। इसलिए अपने हैंडलर से कहा कि उसको सबसे ज्यादा आसानी बस स्टैंड पर हमला करने में होगी।
वह आईईडी लेकर बस स्टैंड की तरफ आ गया। सिद्दड़ा से वाया बाग-ए-बाहु रोड, गुज्जर नगर पुल, प्रेम नगर, गुम्मट रोड से होकर इंदिरा चौक तक पहुंचा। आईईडी एक काले रंग के बैग में थी। जैसे ही वह इंदिरा चौक पर पहुंचा तो सामने नाका देखकर भागने का प्रयास करने लगा, क्योंकि सुुहेल के पास कोई हथियार नहीं था, इसलिए वह हमला नहीं कर सका और पकड़ा गया।
सुहेल पंजाब में पढ़ते वक्त सबसे पहले राही हुसैन के संपर्क में आया था। राही ने उसकी बात उबेदुल्ला और अबरार से कराई। इसके बाद इनकी बात यूसुफ बलोच से होने लगी। दिसंबर में सुहेल को टारगेट दिया गया कि वह पंजाब से एक पिस्टल लेकर आए। इसके लिए सुहेल ने 60 हजार रुपये मांगे। अबरार ने कहा कि यह पैसे बहुत ज्यादा हैं। इसलिए यह डील नहीं हो सकी।