जम्मू-कश्मीर के 409 युवा सालभर के प्रशिक्षण के बाद बने सेना का हिस्सा, देशसेवा की ली शपथ
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उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के युवाओं का सेना के प्रति रुझान बढ़ा है। अब जम्मू हो या कश्मीर सभी क्षेत्र के युवा सेना में शामिल हो रहे हैं। अब इनमें किसी प्रकार की झिझक नहीं है। यहां भर्ती रैलियों में युवाओं की लंबी लाइन देखने को मिल रही है।
उन्होंने आह्वान किया कि ज्यादा से ज्यादा युवा आगे आएं और सुरक्षा बलों का हिस्सा बनें। उन्होंने जवानों के माता-पिता को बधाई देते हुए कहा कि उनकी प्रेरणा की बदौलत ही युवा सेना में शामिल होने आए हैं।
रेजीमेंट गीत की घाटी में गूंज
इससे पहले सभी क्षेत्र तथा सभी धर्म के जवानों ने मार्च पास्ट में हिस्सा लिया। उन्होंने रेजीमेंट के गीत बलिदानम वीर लक्ष्णम के साथ सुर मिलाए, जो पूरी कश्मीर घाटी में गूंजी। राष्ट्रीय ध्वज को सलामी तथा राष्ट्रीय गान भी गाया।
फाजिल और उमर को बेहतर प्रदर्शन के लिए सम्मान
साल भर की ट्रेनिंग के दौरान बेहतर प्रदर्शन वाले युवाओं को सम्मानित किया गया। ओवरऑल बेस्ट रिक्रूट के रूप में फाजिल फैय्याज रेशी को शेर-ए-कश्मीर तथा त्रिवेणी सिंह मेडल और फायरिंग में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए उमर मंजूर गनेई को चिवांग रिनचेन मेडल से नवाजा गया।
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