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विजय दिवसः जानिए कैसे इस जांबाज ने पाकिस्तान के पूर्व जनरल के भाई को किया था ढेर

Mon, 16 Dec 2019 12:15 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Mon, 16 Dec 2019 12:15 PM IST
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1971 indo pak war, Indian martyr who killed brother of pak army chief rahil l sharif
1971 भारत-पाकिस्तान युद्ध - फोटो : अमर उजाला

विजय दिवस के मौके पर जम्मू कश्मीर के उस वीर सपूत की कहानी से रूबरू कराते हैं जिन्होंने पाकिस्तान को ऐसा सबक सिखाया था जिसे वह चाह कर भी भुला न पाएगा। उधमपुर जिले के क्रिमची गांव में सूबेदार करतार सिंह के घर 19 अगस्त 1936 को जन्मे मेजर नारायण सिंह(वीर चक्र) ने भारत-पाकिस्तान(1971) की लड़ाई में न सिर्फ अपने पराक्रम का परिचय दिया, बल्कि दुश्मन को धूल चटाते हुए ऐसा दर्द दिया, जिसे वह कभी भूल न पाएगा।


 

1971 indo pak war, Indian martyr who killed brother of pak army chief rahil l sharif
1971 भारत-पाकिस्तान युद्ध - फोटो : सोशल मीडिया

मशहूर पाकिस्तानी जनरल मुकीम खान ने अपनी पुस्तक ‘पाकिस्तान क्राइसिस आफ लीडरशिप’ में इस वीर शहीद के बारे में कुछ यूं लिखा है, हमारे ऊपर इस युद्ध में सबसे कड़ा और निर्णायक आक्रमण मेजर नारायण सिंह की कमान में 4 जाट द्वारा किया गया था। 

1971 indo pak war, Indian martyr who killed brother of pak army chief rahil l sharif
1971 भारत-पाकिस्तान युद्ध - फोटो : Social Media

उसने हमारी 6 एफएफ की चौकियों पर बहादुरी और हिम्मत से थोड़े से सैनिकों के साथ अंदर घुसकर घातक वार किया और अंत में लड़ता हुआ शहीद हो गया। जनरल मुकीम खान ने पुस्तक में फाजिलका की लड़ाई का जिक्र करते हुए लिखा है कि शहीद मेजर नारायण सिंह ने मेजर शब्बीर शरीफ (पाकिस्तान के हाल में सेवानिवृत्त जनरल राहील शरीफ के बड़े भाई) जो उस समय 6 एफएफ की कमान संभाले थे, उन्हें पांच दिसंबर 1971 में गुत्थम गुत्था की लड़ाई में मार गिराया था। 

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1971 indo pak war, Indian martyr who killed brother of pak army chief rahil l sharif
1971 भारत-पाकिस्तान युद्ध - फोटो : सोशल मीडिया

इस दौरान वह खुद भी शहीद हो गए थे। यह लड़ाई फाजिल्का की वेरीवाल नदी के किनारे लड़ी गई। इसलिए यह वार आफ वेरिवाला के नाम से भी जानी जाती है। इसे वार आफ मेजरस भी कहा जाता है, क्योंकि यह दो मेजरों के बीच लड़ी गई थी।

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1971 indo pak war, Indian martyr who killed brother of pak army chief rahil l sharif
fazilka - फोटो : अमर उजाला

फाजिलका (पंजाब) में डुग्गर प्रदेश के वीर सपूत के नाम से एक भव्य स्मारक है, जहां हर वर्ष बैसाखी और विजय दिवस पर मेला लगता है। एक प्रण पट्टिका भी लगी है, जिस पर लिखा है, ‘ऐसी माएं धन्य हैं, जिन्होंने ऐसे सपूतों को जन्म दिया। 

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