फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

जम्मू-कश्मीर: घने जंगल में प्राकृतिक गुफाएं बन रहीं ऑपरेशन में अड़चन, ग्राउंड जीरो पर हैं चुनौतीपूर्ण हालात

Wed, 20 Oct 2021 03:33 PM IST
करिश्मा चिब मुनीश शर्मा, पुंछ
मुनीश शर्मा, पुंछ Published by: करिश्मा चिब Updated Wed, 20 Oct 2021 03:33 PM IST
विज्ञापन
Jammu-Kashmir: Natural caves are being built in dense forest, obstruction in the operation, challenging conditions are at ground zero
पुंछ मुठभेड़ - फोटो : अमर उजाला

घना जंगल, बरसाती नाले, विशालकाय चट्टानें और छोटी-छोटी गुफाएं। मेंढर तहसील के भाटादूड़ियां इलाके में आतंकियाें के खिलाफ ऑपरेशन में ये भौगोलिक परिस्थितियां बड़ी अड़चन बनी हुई हैं। संवाददाता ने मुठभेड़ स्थल के ग्राउंड जीरो का जायजा लिया तो ऑपरेशन के लंबा खिंचने की वजहें सामने आ गईं। जंगल में पेड़ और झाड़ियां इतनी घनी हैं कि हाथ को हाथ भी न सूझे। आधा दर्जन नाले हैं, जिसके किनारों पर बड़ी-बड़ी चट्टानें हैं। इन चट्टानों के नीचे छोटी-छोटी गुफाएं बनी हैं, जिसके भीतर एक साथ कई आतंकी छिप सकते हैं। ऐसे में छिपे हुए आतंकियों को न तो देख पाना मुमकिन हो पा रहा है और ना ही गोलाबारी से बड़ा नुकसान पहुंचाना संभव हो पा रहा है। यही वजह है कि चारों ओर से घेराबंदी के बावजूद अभी तक एक भी आतंकी के मारे जाने की सूचना नहीं है। सैन्य सूत्रों ने आतंकियों की मौजूदगी का तो पता लगा लिया है लेकिन वे किस चट्टान या गुफा की आड़ लेकर छिपे हैं, इसका अंदाज नहीं लग पा रहा है।

Jammu-Kashmir: Natural caves are being built in dense forest, obstruction in the operation, challenging conditions are at ground zero
पुंछ मुठभेड़ - फोटो : अमर उजाला

चट्टानें भी इतनी बड़ी हैं कि इनके पीछे छिपे आतंकी अपनी लोकेशन बदल भी लें तो वे किसी को दिखाई नहीं देते। भौगोलिक चुनौतियों को देखते हुए सेना का ऑपरेशन पूरी एहतियात के साथ आगे बढ़ रहा है।

Jammu-Kashmir: Natural caves are being built in dense forest, obstruction in the operation, challenging conditions are at ground zero
पुंछ मुठभेड़ - फोटो : अमर उजाला

प्राकृतिक गुफाओं में हो सकते हैं कई ठिकाने
घने जंगल के बीच प्राकृतिक गुफाओं में आतंकियों के कई ठिकाने हो सकते हैं। जमीनी परिस्थितियां देखकर आशंका जताई जा सकती है कि आतंकियाें ने अपने ठिपने के ठिकाने पहले से तय कर रखे हैं। दरअसल आतंकी इस घने जंगल में कई महीनों से हैं। इसकी पुष्टि राजोरी-पुंछ रेंज के डीआईजी विवेक गुप्ता भी कर चुके हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Jammu-Kashmir: Natural caves are being built in dense forest, obstruction in the operation, challenging conditions are at ground zero
पुंछ मुठभेड़ - फोटो : अमर उजाला

सेना की इतने बड़े पैमाने पर घेराबंदी के बावजूद आतंकियों का पता नहीं चल पाना दर्शा रहा है कि आतंकियों ने पहले से छिपने के इंतजाम कर रखे हैं। सूत्रों के अनुसार घने जंगल का यह इलाका कई किलोमीटर तक फैला है। पहाड़ों की ढलान भी तीखी है, जिससे इसे खंगालना इतना आसान नहीं है।
 

विज्ञापन
Jammu-Kashmir: Natural caves are being built in dense forest, obstruction in the operation, challenging conditions are at ground zero
पुंछ मुठभेड़ - फोटो : अमर उजाला

इस इलाके में ग्रामीणों की आवाजाही भी नहीं है। ऐसे में आतंकियों का चमरेड़, पंगेई और भाटादूड़ियां तक आसानी से पहुंच जाना उनके कई ठिकानों की ओर इशारा करता है।


यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: शोपियां में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को किया ढेर, एक जवान के शहीद होने की सूचना

 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed