हरियाणवी मॉडल शीतल उर्फ सिम्मी चौधरी का शव शनिवार शाम सबसे पहले गांव खोडा के चौकीदार कप्तान ने देखा था। वह उस वक्त नल पर पानी लेने आए थे। उन्हीं की सूचना के बाद पुलिस ने गांव वालों की मदद से शव बाहर निकाला था। अगले दिन सुबह उन्हें अखबारों से पता लगा कि यह शव मॉडल शीतल का था। चौकीदार कप्तान बताते हैं कि वह शनिवार शाम करीब साढ़े सात बजे घर से गांव के बाहर से गुजरी एनसीआर वाटर चैनल के झरोठ मार्ग पुल पर नल का पानी लेने गए थे। ज्यादातर लोग इसी नल से पीने का पानी लेते हैं।
वो अपनी बारी के इंतजार में थे कि उनकी नजर शव पर पड़ी। उन्होंने वहां मौजूद ग्रामीणों के साथ पुलिस को भी तुरंत सूचना दी। इस बीच, शव नहर के किनारे उगी झाड़ियों में फंस गया था। कुछ ही देर में पुलिस आई और गांव के ही दो अन्य लड़कों के साथ शव को बाहर निकाला। शव युवती का था।
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शीतल के हाथ पर बने टैटू
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गले पर जख्म था और शरीर पर कई टैटू। युवती के पास से पुलिस को पहचान के लिए कुछ नहीं मिला था। पुलिस शव लेकर चली गई। कप्तान बताते हैं कि मंगलवार को उन्हें समाचार पत्र से पता लगा कि जिसका नहर में शव मिला था, वह पानीपत की हरियाणवी मॉडल थी।
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शीतल के हाथ पर बने टैटू
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस के सामने चाकू बरामद करने की चुनौती
पानीपत पुलिस ने सुनील को दो दिन के रिमांड पर लिया है। इस दौरान उससे हत्या में इस्तेमाल चाकू को बरामद करने का प्रयास किया जाएगा। उसने चाकू से शीतल पर कई वार किए थे।
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पानीपत में दिल्ली पैरलल नहर में मिली कार को निकाला गया
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके अलावा पुलिस पूछताछ में और भी सवालों के जवाब चाहती है। सुनील ने शुरू में पुलिस को उलझाने का प्रयास किया। इसके बाद उसने गुनाह कबूल लिया। पुलिस ने उससे 30 से भी ज्यादा सवाल किए।
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पानीपत में दिल्ली पैरलल नहर में मिली कार को निकालते गोताखोर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सबसे अहम सवाल यह है कि उसने अकेले ही वारदात को अंजाम दिया या किसी ने उसका साथ दिया। पुलिस ने उसके मोबाइल की काल डिटेल भी निकलवाई है। इससे भी अहम जानकारी मिल सकती है।