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रेल रोको आंदोलन : किसानों का फैसला, रेल रोकी जाएंगी पर लोगों को परेशानी नहीं आएगी
Thu, 18 Feb 2021 10:56 AM IST
निवेदिता वर्मा
अंकित चौहान, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
अंकित चौहान, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 18 Feb 2021 10:56 AM IST
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सुनाम में रेल रोको आंदोलन के लिए लंगर तैयार करते किसान।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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कृषि कानून रद्द कराने के लिए चल रहे किसानों के आंदोलन के तहत गुरुवार को दोपहर 12 बजे से चार बजे तक देशभर में रेल रोकी जाएंगी। पिछली बार किसानों के चक्का जाम के दौरान आम जनता को परेशानी होने के कारण आंदोलन पर सवाल उठाए गए तो इस बार किसानों ने उससे बचने की भी पूरी तैयारी की हुई है।
रेल रोको आंदोलन के कारण सुनाम में तैनात पुलिस।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चक्का जाम के दौरान आम लोगों को परेशानी होने पर किसान आंदोलन को लेकर सवाल उठाए गए थे। इस बार किसान नेता इससे बचना चाहते हैं। इसके लिए किसान नेताओं ने कुछ रेलवे स्टेशनों पर चाय व कई जगहों पर खाने का लंगर लगाने के लिए कहा है। जिससे उन रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को रेल रुकने पर परेशानी नहीं होना पड़े।
किसान आंदोलन
- फोटो : फाइल फोटो
इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि अगर ट्रेन में कोई ऐसा यात्री है, जिसको किसी जगह पर जल्दी पहुंचना है और रेल रोकने से चार घंटे में उसका काम नहीं हो पाएगा। ऐसे यात्रियों को निजी वाहन में भेजने में मदद की जाएगी। रेल में कोई बीमार होगा तो उसके लिए भी मदद की जाएगी।
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किसान आंदोलन
- फोटो : फाइल फोटो
रेल रोकने के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखना चुनौती
ट्रैक्टर परेड के दौरान दिल्ली में बवाल होने से पहले ही किसान आंदोलन को बड़ा झटका लग चुका है और अब किसान कोई भी रिस्क नहीं लेना चाहते है। इसलिए ही पहले चक्का जाम तो अब रेल रोकने के दौरान सबसे ज्यादा शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की जा रही है। किसान नेताओं के सामने शांति व्यवस्था बनाए रखना ही बड़ी चुनौती है तो युवाओं में धैर्य कायम रखने के लिए कहा जा रहा है। किसान नेताओं ने कहा है कि अगर आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से रहेगा तो आंदोलन मजबूत होगा और इसमें किसी तरह की हिंसा होने पर यह कमजोर हो जाएगा।
ट्रैक्टर परेड के दौरान दिल्ली में बवाल होने से पहले ही किसान आंदोलन को बड़ा झटका लग चुका है और अब किसान कोई भी रिस्क नहीं लेना चाहते है। इसलिए ही पहले चक्का जाम तो अब रेल रोकने के दौरान सबसे ज्यादा शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की जा रही है। किसान नेताओं के सामने शांति व्यवस्था बनाए रखना ही बड़ी चुनौती है तो युवाओं में धैर्य कायम रखने के लिए कहा जा रहा है। किसान नेताओं ने कहा है कि अगर आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से रहेगा तो आंदोलन मजबूत होगा और इसमें किसी तरह की हिंसा होने पर यह कमजोर हो जाएगा।
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रेल रोके जाने के दौरान लोगों को लंगर खिलाने की तैयारी की जा रही है।
- फोटो : अमर उजाला
जिन रेलवे स्टेशनों पर रेल रोकी जाएगी, वहां यात्रियों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। यात्रियों की सुविधा के लिए ही किसानों से कहा गया है कि स्टेशनों पर चाय व खाने की व्यवस्था की जाए और इसके लिए लंगर की जरूरत पड़ती है तो वहां लंगर लगाया जाए। इसके साथ ही किसानों को एकजुटता बनाकर स्टेशन निर्धारित करके रेल रोकने के लिए कहा गया है, जिससे सरकार को बताया जा सके कि किसान एकजुट है। वहीं शांति व्यवस्था किसानों को खुद ही बनानी होगी और उसके लिए सभी से अपील की गई है। - जगजीत सिंह दल्लेवाल, सदस्य, संयुक्त किसान मोर्चा