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Haryana: 4 साल की बेटी ने दी शहीद को मुखाग्नि, पिता के शव पर मत्था रखकर बिलख-बिखलकर रोईं बेटियां

Fri, 25 Oct 2024 09:01 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा/रोड़ी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा/रोड़ी (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Fri, 25 Oct 2024 09:01 PM IST
सार

गुलमर्ग में सेना के काफिले पर आतंकी हमले में सिरसा का जवान बलिदान हो गया। शहीद जवान जीवन सिंह राठौड़ का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके अंतिम दर्शन के लिए जन सैलाब उमड़ गया।

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Haryana: 4 year old daughter lit the funeral pyre of the martyr
गांव रोहन मे अपने पिता के शव पर माथा टेककर बिलखती उनकी बेटी। - फोटो : संवाद
सिरसा के कालांवाली, खंड रोड़ी के गांव रोहण निवासी राइफलमैन जीवन सिंह राठौड़ (28) वीरवार को कश्मीर के गुलमर्ग में सेना के काफिले पर आतंकी हमले के दौरान शहीद हो गए। उनका पार्थिव शरीर शुक्रवार शाम उनके गांव में लाया गया, जहां सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए भारी संख्या में लोग उमड़े।


इससे पहले जीवन सिंह के शहीद होने की सूचना मिलते ही उनके परिवार सहित पूरे गांव में मातम छा गया। लोग परिजनों को सांत्वना देने के लिए उनके घर पहुंचने लगे। उनके पार्थिव शरीर को वायुसेना केंद्र लाया गया। वहां से सेना के वाहन में गांव लाया गया। पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। प्रशासन की ओर से कालांवाली के नायब तहसीलदार कंवरदीप सिंह और डीएसपी अर्शदीप सिंह ने पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
Haryana: 4 year old daughter lit the funeral pyre of the martyr
अपने पति के शहीद होने पर अंतिम विदाई देतीं पत्नी। - फोटो : संवाद

जीवन सिंह चार बहनों के इकलौते भाई थे और उनकी दो मासूम बेटियां हैं। उनकी उम्र चार और दो साल है। वह वर्ष 2016 में सेना में भर्ती हुए थे वो राजपूताना राइफल्स में तैनात थे।

Haryana: 4 year old daughter lit the funeral pyre of the martyr
पार्थिव शरीर को लेकर आते सेना के जवान। - फोटो : संवाद

गुलमर्ग में शहीद हुए जवान जीवन सिंह राठौड़ को श्रद्धांजलि देने पहुंचे कई क्षेत्रों के लोग
गुलमर्ग में वीरवार को आतंकियों के हमले में शहीद हुए जवान के जवान जीवन सिंह राठौड़ का पार्थिव शरीर शुक्रवार को उनके गांव रोहण में लाया गया। पिता के शव को देखकर उनकी दोनों बेटियां बिलख-बिलखकर रोने लगीं। उनकी पत्नी बार-बार बेसुध हो रही थी। उनकी चार वर्षीय बड़ी बेटी अनन्या ने चिता को मुखाग्नि दी।

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Haryana: 4 year old daughter lit the funeral pyre of the martyr
शहीद के पिता को तिरंगा झंडा देते सेना के जवान। - फोटो : संवाद

जवान जीवन सिंह का पार्थिव शरीर शुक्रवार को हवाई मार्ग से सिरसा एयरफोर्स स्टेशन में लाया गया। वहां पर हिसार कैंट से आए सेना के लेफ्टिनेंट पासवा, दो जेसीओ और 15 जवान विभागीय वाहन पर उनके शव को लेकर गांव में पहुंचे। वहां मौजूद लोगों की भीड़ फूल और सामग्री डालते हुए उनके जिंदाबाद के नारे लगाते रहे। शव को देखकर उनकी बड़ी बेटी चार साल की अनन्या और दो साल की छोटी बेटी भीषा फूट-फूटकर रोने लगीं। वह अपने शव पर माथा रखकर अपने पिता को वापस भेजने की गुहार लगा रहीं थीं। उनकी पत्नी कोमल और माता गोलो कौर बदहवाश हो गईं। उनकी पत्नी कोमल भी अपने पति के शव को देखकर बिलखते हुए बेसुध हो रहीं थीं। गांव की कई महिलाएं उनको संभाल रही थीं।

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Haryana: 4 year old daughter lit the funeral pyre of the martyr
गांव रोहन में अपने पिता को मुखाग्नि देती अनन्या। - फोटो : संवाद

गांव के श्मशान घाट में दी मुखाग्नि
शहीद जीवन गांव के श्मशान घाट में उनकी बड़ी बेटी अनन्या ने मुखाग्नि दी। इस दौरान मौके पर मौजूद हर आंख नम नजर आई। प्रशासन की ओर से कालांवाली के नायब तहसीलदार कंवरदीप सिंह और डीएसपी अर्शदीप सिंह ने भी पुष्प चक्र रखकर उनको श्रद्धांजलि दी। अन्य लोग भी उनके पार्थिव शरीर पर फूल मालाएं चढ़ाकर उनको नमन करते रहे। सेना और पुलिस के जवानों ने मातमी धुन बजाकर उन्हें अंतिम सलामी दी।

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