{"_id":"6aa6cf40bf1fd40cdd04bd2d","slug":"35-mm-of-rain-in-the-hills-soaked-parmal-paddy-in-the-market-benefits-for-late-sown-crops-sirsa-news-c-128-1-sir1010-164907-2026-09-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: रानियां में 35 एमएम बारिश, मंडी में भीगी परमल धान, पछेती फसल को फायदा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: रानियां में 35 एमएम बारिश, मंडी में भीगी परमल धान, पछेती फसल को फायदा
Sun, 13 Sep 2026 09:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 13 Sep 2026 09:58 PM IST
विज्ञापन
रानियां की अनाज मंडी में भीगा खुले में पड़ा धान।
- फोटो : 1
रानियां। क्षेत्र में रविवार को तेज आंधी के साथ हुई बारिश ने कई दिनों से जारी गर्मी और उमस से राहत दिलाई। क्षेत्र में करीब 35 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश से खेतों में खड़ी पछेती धान की फसल को फिलहाल फायदा हुआ है। खेतों में नमी बढ़ने से सिंचाई की जरूरत कम होगी।
वहीं अनाज मंडी में खुले में पड़ी परमल धान भीगने से किसानों और आढ़तियों की चिंता बढ़ गई। रानियां क्षेत्र में इन दिनों परमल धान की आवक शुरू हो चुकी है। बारिश के दौरान खुले में पड़ी फसल को बचाने के लिए किसानों और आढ़तियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
खेतों में खड़ी 1401 किस्म की पछेती धान अभी पकने में समय लेगी। इसके नवंबर में तैयार होने की संभावना है। मौसम साफ रहने पर वर्तमान बारिश को इस फसल के लिए लाभकारी माना जा रहा है।
विज्ञापन
कुछ अगेती धान की फसल की मंडी में आवक अगले 15 से 20 दिनों में शुरू होने की उम्मीद है। पकने के करीब पहुंची फसल के लिए तेज हवा और लगातार बारिश नुकसानदायक हो सकती है।
बारिश के बाद रानियां शहर के कई निचले इलाकों और मार्गों पर जलभराव हो गया। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। कपास और अन्य खरीफ फसलों के लिए खेतों से पानी की निकासी जरूरी है। लंबे समय तक जलभराव रहने पर फसलों को नुकसान हो सकता है।
विज्ञापन
वहीं अनाज मंडी में खुले में पड़ी परमल धान भीगने से किसानों और आढ़तियों की चिंता बढ़ गई। रानियां क्षेत्र में इन दिनों परमल धान की आवक शुरू हो चुकी है। बारिश के दौरान खुले में पड़ी फसल को बचाने के लिए किसानों और आढ़तियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
विज्ञापन
खेतों में खड़ी 1401 किस्म की पछेती धान अभी पकने में समय लेगी। इसके नवंबर में तैयार होने की संभावना है। मौसम साफ रहने पर वर्तमान बारिश को इस फसल के लिए लाभकारी माना जा रहा है।
विज्ञापन
कुछ अगेती धान की फसल की मंडी में आवक अगले 15 से 20 दिनों में शुरू होने की उम्मीद है। पकने के करीब पहुंची फसल के लिए तेज हवा और लगातार बारिश नुकसानदायक हो सकती है।
बारिश के बाद रानियां शहर के कई निचले इलाकों और मार्गों पर जलभराव हो गया। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। कपास और अन्य खरीफ फसलों के लिए खेतों से पानी की निकासी जरूरी है। लंबे समय तक जलभराव रहने पर फसलों को नुकसान हो सकता है।