Haryana: सोनीपत, रोहतक, जींद, नारनौल, रेवाड़ी, झज्जर से इन प्रत्याशियों को मिला टिकट, ये रहा कारण
हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने बुधवार रात 67 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी। इसमें 17 विधायकों और आठ मंत्रियों को दोबारा टिकट दी गई है।
1. नाम : डाॅ. कृष्ण लाल मिड्ढा
विधानसभा क्षेत्र : जींद
पार्टी : भाजपा
उम्र : 54
शिक्षा : बीएएमएस
राजनीतिक अनुभव :15 साल
कार्य : राजनीति और अपना खुद का क्लीनिक
2009 और 2014 में डाॅ. कृष्णलाल मिड्ढा के पिता डॉ. हरिचंद मिड्ढा इनेलो के टिकट पर जींद विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने थे। 2018 में उनका निधन हो गया था। जनवरी 2019 में हुए विधानसभा उपचुनाव के समय डॉ. कृष्णलाल मिड्ढा भाजपा में शामिल हो गए और जींद से विधायक बने। अक्तूबर 2019 में हुए विधानसभा चुनाव में फिर से वह जींद विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते। अब 2024 के विधानसभा चुनाव में उनको भाजपा से टिकट मिला है।
टिकट मिलने का कारण : भाजपा ने जींद से भाजपा से लगातार दो बार के विधायक डॉक्टर कृष्ण लाल मिड्ढा को टिकट दिया है। डॉक्टर मिड्ढा 2019 में उपचुनाव भी जीते थे और 2019 के आम चुनाव में भी जीते थे, इसी कारण टिकट दिया गया है।
भाजपा ने जींद जिले की पांच विधानसभा सीटों में से तीन पर अपने उम्मीदवार मैदान में उतार दिए हैं। इनमें जींद से डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा, उचाना से देवेंद्र चतुर्भुज अत्री तथा सफीदों से रामकुमार गौतम हैं।
सफीदों के लोगों ने हमेशा ही बाहरी उम्मीदवार को कभी भी तव्वजो नहीं दी। भाजपा की टिकट की आस लगाए बैठे पूर्वमंत्री बच्चन सिंह पहले ही कह चुके हैं कि वह सात सितंबर को नामांकन दाखिल करेंगे और बाहरी उम्मीदवार को किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा।
एक सितंबर को भाजपा में शामिल हुए थे गौतमनारनौंद निवासी रामकुमार गौतम ब्राह्मण समुदाय से हैं। वह एक सितंबर को जींद में हुई भाजपा की जन आशीर्वाद रैली में ही भाजपा में शामिल हुए थे। रामकुमार गौतम नारनौंद से 2019 में जजपा के टिकट पर विधायक बने थे। उन्होंने भाजपा के ही कैप्टन अभिमन्यु को हराया था। अब भाजपा ने उनको सफीदों विधानसभा क्षेत्र से मैदान में उतार दिया है। अब देखना होगा कि भाजपा यहां पर बागियों को कैसे संतुष्ट कर पाती है या फिर रामकुमार गौतम को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। सफीदों विधानसभा क्षेत्र में ब्राह्मण समुदाय की लगभग 15 हजार वोट हैं।
उचाना कलां
नाम : देवेंद्र चतुर्भुज अत्री
विधानसभा क्षेत्र : उचाना कलां
पार्टी : भाजपा
उम्र : 45
शिक्षा : स्नातकोत्तर
कार्य : राजनीति के साथ-साथ खुद का स्कूल चलाते हैं
राजनीतिक अनुभव : 2011 से शुरुआत
देवेंद्र चतुर्भुज अत्री के पिता स्व. चतुर्भुज अत्री का नाम एक समाजसेवी के रूप में जाना जाता है। वह इनेलो के वरिष्ठ नेता रहे हैं। 2011 में देवेंद्र चतुर्भुज अत्री ने भी इनेलो जॉइन कर ली थी। 2012 में इनेलो ने उनको जिला प्रेस प्रवक्ता बना दिया। इसके बाद उन्होंने इनेलो को अलविदा कह दिया। 30 अप्रैल 2019 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहसून गांव में उनके निवास पर भोजन किया था और देवेंद्र चतुर्भुज अत्री भाजपा में शामिल हो गए। फिलहाल वह भाजपा के जिला महामंत्री भी हैं। देवेंद्र चतुर्भुज अत्री कहसून गांव में एक निजी स्कूल भी चलाते हैं।
टिकट मिलने का कारण : देवेंद्र चतुर्भुज अत्री नए चेहरे हैं और वह उचाना विधानसभा क्षेत्र में अकेले ही भाजपा के टिकट के दावेदार थे। उनसे मजबूत उम्मीदवार भाजपा को उचाना में कोई नहीं दिखाई दिया।
विधानसभा क्षेत्र : नांगल चौधरी
नाम : डॉ. अभय सिंह यादव
पार्टी : भाजपा
शिक्षा : एमए, एलएलएम व पीएचडी (लॉ)
राजनीतिक अनुभव :10 साल
फरवरी 2014 में अपनी स्वेच्छा से सेवानिवृत्त हुए, इसके बाद 2014 पहली बार विधायक बनकर विधानसभा पहुंचे। इसके बाद वर्ष 2019 में दोबारा से विधायक चुने गए और नायब सैनी की सरकार में सिंचाई मंत्री बने। अब भाजपा ने तीसरी बार डॉक्टर अभय सिंह यादव को उम्मीदवार घोषित किया है।
टिकट मिलने का कारण : भाजपा से लगातार दो बार विधायक रहे। नायब सैनी की सरकार में सिंचाई मंत्री। 2020-21 में सर्वश्रेष्ठ विधायक का पुरस्कार मिला। नांगल चौधरी में नहर में टेल के गांवों तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाया।