हरियाणा के हिसार में अरब सागर व बंगाल की खाड़ी से नमी मिलने से कमजोर पड़े मानसून ने एक बार फिर से रफ्तार पकड़ ली है। मंगलवार को प्रदेश के 10 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मौसम विशेषज्ञ की मानें तो अगले 4 दिनों तक प्रदेश में बारिश की संभावना बनी रहेगी। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से उत्तरी राजस्थान पर एक कम दबाव का क्षेत्र बना है। इस कारण अरब सागर से मिल रही नमी से गरज चमक के बादलों का निर्माण हो रहा है। वहीं अधिक कम दबाव का क्षेत्र (डिप्रेशन) दक्षिणी राजस्थान तक पहुंच गया है, जिससे बंगाल की खाड़ी से नमी वाली हवाएं आ रही हैं।
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हांसी बस स्टैंड पर जलभराव।
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हालांकि मानसून टर्फ रेखा अभी भी दक्षिण में राजस्थान पर मौजूद है। इन सभी के असर से मंगलवार को सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, कैथल, भिवानी, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, रोहतक, सोनीपत, पानीपत, करनाल व कुरुक्षेत्र आदि जिलों में बारिश की गतिविधियां हुईं।
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हिसार जिंदल चौक पर बरसात के बाद जल भराव।
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चरखी दादरी : चरखी दादरी जिले के गांव नरसिंहवास में बारिश के दौरान बिजली गिरने से काफी सामान जल गया। घर के बिजली चालित उपकरण फ्रिज, बिजली के पंखे, टीवी व इन्वर्टर जल गए। पीड़ित ने जिला प्रशासन से मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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जींद में बारिश के बाद राजेंद्रा कालोनी रोड पर भरा पानी।
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मौसम परिवर्तनशील बना हुआ है। सुबह से आसमान पर बादल छाए रहे। सोनीपत में दोपहर से पहले कुछ देर के लिए बारिश हुई। औसतन 5.0 एमएम बारिश दर्ज की गई है। रोहतक में सुबह 10:30 बजे और दोपहर 2:30 बजे थोड़ी देर के लिए बारिश हुई। झज्जर व आसपास के क्षेत्र में दोपहर लगभग एक बजे हल्की बूंदाबांदी हुई। जींद में सुबह के समय बूंदाबांदी हुई। सोनीपत में मंगलवार को अधिकतम तापमान 34.1 व न्यूनतम तापमान 27.1, रोहतक में अधिकतम 33.1 व न्यूनतम 27.6, रेवाड़ी में अधिकतम 32 व न्यूनतम 25, नारनौल में अधिकतम 32.8 व न्यूनतम 26.5, झज्जर में अधिकतम 33 व न्यूनतम 26, जींद में अधिकतम 32 व न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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टोहाना में हिसार रोड पर जमा बारिश का पानी।
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कैथल में दो घंटे की बारिश से तालाब बना शहर
जीटी बेल्ट के कुछ जिलों में मंगलवार को तेज बारिश हुई। कैथल शहर महज दो घंटे की बारिश से तालाब बन गया। पानी निकासी का प्रबंध न होने के कारण लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। कई घंटों बाद भी पानी की निकासी नहीं हो पाई। शहर के मुख्य चौराहों और सड़कों के किनारे पानी इकट्ठा होने के कारण काफी समय तक आवागमन प्रभावित रहा। यहां 40 एमएम बारिश दर्ज की गई। यमुनानगर में दोपहर बाद साढ़े तीन बजे से बारिश शुरू हो गई जिससे मौसम सुहावना हो गया।