हरियाणा के रोहतक में झज्जर जिले की सीमा से सटे रिटौली गांव में बुधवार शाम सीएससी (काॅमन सर्विस सेंटर) पर बाइक सवारों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दो लोगों की हत्या कर दी। केंद्र में आए ग्राहक को चार गोलियां मारीं। इसकी वजह उससे आपसी पुरानी रंजिश बताई गई है। जबकि वारदात के बाद भागते समय केंद्र संचालक के पिता को मार डाला। वह उन्हें रोकने का प्रयास कर रहा था। इस दोहरे हत्याकांड में 60 वर्षीय राजेंद्र का हौसला और बहादुरी काबिलेतारीफ है। हथियारबंद बदमाशों से यह बुजुर्ग निहत्था ही भिड़ गया। बाइक पर भाग रहे तीन बदमाशों में से एक को अपनी बाजुओं में इस तरह जकड़ा की वह छटपटा कर रह गया। चाह कर भी अपने को छुड़ा नहीं सका तो साथी बदमाशों ने बुजुर्ग को गोली मार दी। कमर व छाती पर गोली लगने के बाद भी बुजुर्ग की पकड़ ढीली नहीं हुई। सांसों ने साथ छोड़ा तब भी बदमाश की जैकेट मुट्ठी में थी। हर कोई इस बुजुर्ग की हिम्मत को सराह रहा है।
रोहतक दोहरा हत्याकांड: दो गोली लगने के बाद भी बुजुर्ग ने जकड़े रखा बदमाश, सांस टूटने पर भी नहीं छोड़ी जैकेट
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परिजनों ने बताया कि राजेंद्र झज्जर जाने वाली सड़क की ओर से आ रहा था। घर से करीब 20 कदम दूर उसे बेटे के सीएएसी केंद्र में गड़बड़ महसूस हुई। गोलियाें की शोर और बाइक पर भागते युवकों को देख वह सतर्क हो गया। ग्रामीणों ने पकड़ो-पकड़ो का शोर किया तो वह उनकी बाइक के आगे अड़ गया। इनमें से एक को बुजुर्ग ने अपनी बाजुओं में जकड़ लिया। युवक के प्रयास के बावजूद उसे नहीं छोड़ा। अपने साथी को फंसते देख बदमाशों ने राजेंद्र को गोली मार दी। इसके बाद भी बदमाश को नहीं छोड़ा तो वह अपनी जैकेट छोड़ कर भाग गया। इसमें पिस्तौल, उसका मोबाइल व कुछ अन्य सामान भी था। पुलिस ने इसे अपने कब्जे में ले लिया है।
मोबाइल खोल सकता है मामले की पोल
बदमाश की जैकेट से मिला सामान पुलिस को उन तक पहुुंचने में मदद कर सकता है। सबसे अहम उनका मोबाइल साबित हो सकता है। इसमें बदमाशों ने किसी से कब और कितनी बात की यह पता लगाया जा सकता है। इससे संदिग्ध लोगों के चेहरों से भी नकाब हट सकता है।
शव उठाने को लेकर बना तनाव
ग्रामीणों में राजेंद्र की हत्या को लेकर खासा रोष है। उनका कहना है कि गांव में दो गैंग बने हुए हैं। ये अक्सर आपस में लड़ते झगड़ते रहते हैं। पिछले महीने 26 जनवरी को भी इनके बीच गोलियां चली थीं। यह सब इनका आपसी मामला था। अब तो ये बेखौफ हो गए हैं। किसी के घर में घुस कर महिलाओं के सामने लोगों की हत्या कर रहे हैं। राजेंद्र का तो कोई कसूर भी नहीं था। उसे क्यों मारा। यह तो अब अति हो गई है। इस मुद्दे को लेकर गांव में तनाव का माहौल बन गया। यहीं नहीं, ग्रामीणों ने करीब पौने घंटे पुलिस को राजेंद्र का शव तक नहीं उठाने दिया। बाद में एसपी व एएसपी ने उन्हें समझाया व कार्रवाई का विश्वास दिलाया तो वे माने और देर शाम शव पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई भिजवाया गया।
गांव की गैंग ने मारी है गोली
बलवान ने कहा कि मेरा बेटा रोहित शाम को गांव के ही सीएससी में रुपये जमा कराने गया था। उसे मैंने ही रुपये लाकर दिये थे। गांव के ही युवकों ने रंजिशन उसे मारा है। मारने वालों में से एक पुलिस का मुखबिर है। उसे सुरक्षा भी दे रखी है। मुझे वारदात के बाद पता लगा कि रोहित को पीजीआई ले गए हैं। यहां आया तो वह जा चुका था। मुझे नहीं पता था कि रुपये जमा कराने गया बेटा कभी नहीं लौटेगा। हमलावर पहले भी हमला कर चुके हैं। मेरे भतीजे को गोली मार चुके हैं। पिछले महीने 26 जनवरी को भी प्रधान पर गोली चलाई। पुलिस इस मामले में सख्त कार्रवाई करे।
रिटौल के दोहरे हत्याकांड में पुलिस कार्रवाई कर रही है। खुद मौके का मुआयना किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित की हैं। इसमें एवीटी, सीआईए व शिवाजी कॉलोनी थाने की टीमें शामिल हैं। पुलिस हर पहलू को ध्यान रखते हुए कार्रवाई की जा रही है। - उदय सिंह मीणा, पुलिस अधीक्षक।