एएसआई संदीप लाठर की मौत के 10 दिन बाद वायरल हुई एफआईआर में पत्नी संतोष ने एडीजीपी वाई पूरण कुमार के गनमैन सुशील कुमार व आईजी दफ्तर में एसआईएस (सिक्योरिटी ऑफिसर) सुनील कुमार पर पूरण के परिवार की ऊंची पहुंच बताकर धमकी देने के आरोप लगाए हैं। कहा, इसी दबाव में पति ने जान दे दी।
एएसआई के चचेरे भाई भूप सिंह लाठर ने वायरल एफआईआर को असली बताया है। सुखपुरा चौक के पास पुलिस क्वार्टर नंबर-44 निवासी संतोष ने एफआईआर में कहा है कि अर्बन एस्टेट थाने में आईजी रोहतक रहे पूरण कुमार के गनमैन सुशील कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस दर्ज हुआ था।
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विलाप करते एएसआई के परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
साइबर सेल में तैनात उनके पति संदीप इस केस की जांच में शामिल थे। इसी केस में गनमैन सुशील कुमार की गिरफ्तारी हुई थी। अन्य की भी गिरफ्तारी होनी थी। इस बीच आईजी पूरण कुमार ने सुसाइड कर लिया।
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मीडिया से बात करती एएसआई संदीप का पत्नी और बेटी
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गनमैन सुशील, एसआईएस सुनील कुमार व उनके साथी इस केस से पहले व बाद में आईजी पूरण कुमार, उनकी आईएएस पत्नी अमनीत, पंजाब से विधायक उनके साले अमित रतन व अनुसूचित जाति आयोग में बैठे रिश्तेदारों की ऊंची पहुंच का हवाला देकर संदीप को धमका रहे थे।
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आठ साल के बेटे ने दी चिता को मुखाग्नि
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संतोष के मुताबिक, एडीजीपी के शव का पोस्टमार्टम न कराकर ईमानदार पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की गिरफ्तारी का सरकार पर दबाव बनाया गया। इनकी बड़े स्तर पर पहले ही विजिलेंस जांच चल रही थी। इसमें सरकार की ओर से जल्द सख्त कार्रवाई की जानी थी।
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एएसआई संदीप का जुलाना में अंतिम संस्कार
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पति कहते थे...ईमानदार कर्मचारियों का कोई महत्व नहीं
एफआईआर में संतोष ने कहा है कि उनके पति कहते थे कि पुलिस विभाग में ईमानदार अधिकारियों व कर्मचारियों का कोई महत्व नहीं है। इस पर काफी समझाया लेकिन वह बोले कि यह लड़ाई ईमानदारी व भ्रष्टाचार के बीच की है। बकौल संतोष, आरोपियों व मेरे परिवार की संपत्ति की जांच करा ली जाए।