भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी ऋषभ पंत शुक्रवार की सुबह रुड़की में नारसन के पास सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए। तभी वहां से गुजर रहे पानीपत रोडवेज के बस चालक और परिचालक की नजर उन पर पड़ी और दोनों मदद के लिए आगे आए। उन्होंने जख्मी हालत में ऋषभ का सिर गोद में रखकर उनका नाम पता पूछा। फिर एंबुलेंस को बुलाया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल भेजा गया। जब बस रोककर चालक-परिचालक नीचे आए तो वहां ऋषभ पंत जख्मी हालत में कार से आधा बाहर लटक रहा था। कार में आग लगनी शुरू हो चुकी थी।
Rishabh Pant Accident: जख्मी हालत में कार से आधे बाहर लटक रहे थे पंत, गाड़ी में लग चुकी थी आग...
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रोडवेज के चालक गांव बल्ला, करनाल निवासी सुशील कुमार ने बताया कि वो हरिद्वार से 4.25 बजे चले थे और 5.20 पर रुड़की के समीप नारसन पहुंचे थे। तभी उनकी बस से महज 100 मीटर दूर एक कार रेलिंग को तोड़ते हुए उनकी लेन में आई और तीन बार पलट गई। इस दौरान बस 100 मीटर दूर थी, लेकिन हादसा होते देख सवारियां भी चिल्ला उठीं। इसके बाद वे परिचालक गांव बल्ला के ही परमजीत के साथ नीचे कूदे, जहां ऋषभ पंत जख्मी हालत में कार से आधा बाहर लटक रहा था।
उन्होंने कार से निकालकर उसे फुटपाथ पर लेटा दिया। चालक परमजीत ने बताया कि इस दौरान गाड़ी मे आग लगनी शुरू हो चुकी थी। सुशील ने बताया कि इस दौरान वह बेसुध लग रहा था। तभी कार में आग लग गई। इसी दौरान ऋषभ पंत को हल्का होश आया।
चालक सुशील कुमार ने उससे नाम पूछा तो बताया कि वे ऋषण पंत भारतीय क्रिकेटर हैं। इसके बाद ऋषभ पंत पानी के लिए कराहने लगा, लेकिन उन्होंने डॉक्टर की सलाह के बिना पानी देने से परहेज किया। फिर ऋषभ ने एंबुलेंस बुलाने और मां को सूचना देने का अनुरोध किया, लेकिन उनकी मां का फोन स्विच ऑफ मिला।
15 मिनट के बाद मौके पर एंबुलेंस आ गई। उन्होंने एंबुलेंस में उसे बैठा दिया। इस दौरान ऋषभ के पैसे सड़क पर ही बिखरे पड़े थे। उन्होंने सात-आठ हजार रुपये उठाकर उसके हाथ पर रख दिए। कार में एक अटैची थी। उन्होंने अटैची भी एंबुलेंस में डाल दी थी। ऋषभ की जान बचाने की जानकारी मिलने पर पानीपत रोडवेज जीएम कुलदीप जागड़ा ने चालक और परिचालक को सम्मानित किया है।
अगर 10 मिनट भी देर होती तो जा सकती थी जान
चालक सुशील कुमार और परिचालक परमजीत बस को लेकर 5.20 पर रुड़की के पास पहुंचे तो मर्सिडीज कार अचानक रेलिंग तोड़ते हुए दूसरी लेन में पहुंच गई। उसके सिर से खून बह रहा था। चालक सुशील कुमार व परिचालक परमजीत ने जैसे ही उसे बाहर निकालकर फुटपाथ पर लेटाया तो कार में आग लग गई। उनका कहना है कि अगर पहुंचने में 10 मिनट की देरी भी हो जाती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।